नोएडा 06 जनवरी। उत्तर प्रदेश के नोएडा फेज-1 थाने की पुलिस ने चोरी की बाइक के पार्ट काटकर कबाड़ की दुकान में खपाने वाले गैंग का पर्दाफाश किया है। गिरोह के सरगना दो हमशक्ल भाई हैं। दोनों बाइक चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे। फेज वन थाने की पुलिस ने दोनों भाई समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से करीब 30 चोरी की बाइक और उनके पुर्जे बरामद किए हैं. ये लोग नोएडा समेत दिल्ली एनसीआर में रेकी करने के बाद बाइक चोरी करते थे। इसके बाद उसे बल्लभगढ़, हरियाणा में कबाड़ की दुकान में खपाया जा रहा था।
आरोपी बाइक को दो पार्टों में काटकर सप्लाई करते थे। इंजन और वायर नई मशीन में फिट कर दिए जाते थे। वहीं बचा माल टायर, साइलेंसर, हेडलाइट कबाड़ में बेच दिए जाते थे। नोएडा में यह गिरोह 50 से अधिक बाइक चोरी की घटनाएं कर चुका है। पुलिस ने सोमवार को चारों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
डीसीपी यमुना प्रसाद ने बताया कि असमान उर्फ सूटा और उलमान आपस में जुड़वां भाई हैं. दोनों की शक्ल, कद और हुलिया लगभग एक जैसा है. गिरोह की रणनीति यह थी कि जब एक भाई बाइक चोरी करता था, तो दूसरा हूबहू वही कपड़े पहनकर कबाड़ की दुकान पर बैठ जाता था. यदि किसी को शक होता और पूछताछ की जाती, तो दूसरा भाई दुकान पर मौजूद मिलता था, जिससे चोरी करने वाला आसानी से बच निकलता था.
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह का मास्टरमाइंड शादाब उर्फ रुतबा था. वह अपने साथियों के साथ पहले कॉलोनियों, सोसायटियों और कंपनियों के बाहर खड़े दोपहिया वाहनों की रेकी करता था. इसके बाद मास्टर चाबी या लॉक तोड़कर बाइक और स्कूटी चोरी की जाती थी. चोरी के तुरंत बाद वाहन उलमान की कबाड़ की दुकान पर ले जाकर उनके पुर्जे अलग कर दिए जाते थे.
चोरी की गई बाइकों और उनके पुर्जों को कच्चे रास्तों के जरिए हरियाणा के बल्लभगढ़ भेजा जाता था. वहां पवन और विजय नाम के आरोपियों को ये वाहन सप्लाई किए जाते थे. ऑन-डिमांड बाइक बेचने के बाद मिलने वाली रकम चारों आरोपी आपस में बांट लेते थे. पुलिस के अनुसार, इनके पास से 15 बाइक, 12 बाइकों की टंकी, 5 साइलेंसर, 4 मडगार्ड, 2 टायर कई लोहे की रिम बरामद हुई हैं। जिसकी कीमत 15 लाख रुपये से अधिक है। इनके पास से बरामद चोरी की 15 बाइकों में 9 के खिलाफ फेज वन थाने में केस दर्ज हैं। वहीं चारों के खिलाफ दिल्ली समेत नोएडा के अलग-अलग थानों में 33 केस दर्ज हैं।

