पुणे 06 जनवरी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री और भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के पूर्व अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी का मंगलवार तड़के 81 वर्ष की आयु में निधन हो गया। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, उन्होंने सुबह करीब 3.30 बजे पुणे में अंतिम सांस ली। वह लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके निधन से राजनीति और खेल जगत में शोक की लहर है। उनके पार्थिव शरीर को दोपहर 2 बजे तक पुणे के एरंडवणे स्थित कलमाड़ी हाउस में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा. अंतिम संस्कार आज पुणे के नवी पेठ में वैकुंठ श्मशानभूमि में किया जाएगा.
सुरेश कलमाड़ी ने राजनीति में आने से पहले भारतीय वायु सेना में पायलट के रूप में अपना करियर शुरू किया था. हालांकि बाद में वह राजनीति में आ गए और यहां भी वह काफी कामयाब रहे.
सुरेश कलमाड़ी का जन्म 1 मई 1944 को महाराष्ट्र में हुआ। प्रारंभिक शिक्षा के बाद उन्होंने उच्च शिक्षा प्राप्त की और कम उम्र में ही सामाजिक व राजनीतिक गतिविधियों से जुड़ गए। छात्र जीवन से ही उनमें संगठन क्षमता और नेतृत्व के गुण दिखाई देने लगे थे। कलमाड़ी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत कांग्रेस पार्टी से की।
कलमाडी 1960 में नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) में शामिल हो गए और भारतीय वायु सेना में बतौर पायलट जुड़े. वह यहां पर 1964 से 1972 तक रहे. फिर वह 1972 से 1974 तक NDA की एयर फोर्स ट्रेनिंग टीम में इंस्ट्रक्टर बने और फिर स्क्वाड्रन लीडर के तौर पर वायु सेना से रिटायर हो गए.
वायु सेना से रिटायर होने के बाद वह 1977 में राजनीति में आ गए और युवा कांग्रेस का हिस्सा बन गए. इस बीच वह खेल प्रशासन में भी आ गए. 1980 में वह महाराष्ट्र एथलेटिक्स एसोसिएशन के अध्यक्ष बन गए. युवा कांग्रेस में रहने के बाद वह राज्यसभा के सदस्य भी बने.
वह 3 बार 1982 से 1996 और फिर 1998 में राज्यसभा के सांसद बने. संसद के ऊपरी सदन के अलावा वह लोकसभा के लिए भी चुने गए. 1996 में कलमाड़ी लोकसभा सांसद चुने गए. फिर 2004 में भी लोकसभा सांसद बने. पीवी नरसिम्हा राव के प्रधानमंत्रीत्व कार्यकाल में वह रेल राज्य मंत्री (1995 से 1996 तक) भी बनाए गए. तब उन्होंने रेल बजट भी पेश किया था.
राजनीति के इतर सुरेश कलमाड़ी खेल से जुड़े प्रशासन में भी लगातार सक्रिय रहे थे. वह 1996 में भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के अध्यक्ष चुने गए. वह इस पद पर साल 2012 तक बने रहे. बाद में वह एशियन एथलेटिक्स एसोसिएशन (AAA) के भी प्रमुख रहे. उन्हीं के कार्यकाल में साल 2010 में राजधानी दिल्ली में राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन कराया गया था. हालांकि यह आयोजन विवादों के घेरे में भी आया था, और कलमाड़ी पर भी आरोप लगे थे.

