दिसंबर का माह हमारे लिए हमेशा से शुभ और संदेश देने वाला रहा है। बीती २३ दिसंबर को हम किसी का बलिदान दिवस मनाते हैं तो आज २५ को किसी की जयंती। आज का दिन चारो ओर छाई खुशियां का संदेश लेकर आधी रात में जन्में प्रभु यीशु की याद में खुशियां मनाते हैं। रात १२ बजे ही प्रभु यीशु के जन्मदिन से संबंध गीत गूंज उठते हैं और गिरजाघरों में प्रार्थना सभाएं की जाती है।
आज पूरी दुनिया में दूसरों की भलाई के लिए प्रेरक प्रार्थना के साथ ईसाई समाज द्वारा प्रभु ईसा मसीह का जन्मदिन मनाया गया। दूसरी ओर सेवा और मानवता के प्रतीक खालसा पंथ के संस्थापक गुरू गोविंद सिंह जी महाराज के जीवन के मूल मंत्र सेवा स्वयं से पहले के सिद्धांत पर चलते रहे और भयमुक्त वातावरण की स्थापना के प्रयास के लिए अपनी वीरता के लिए गुरू गोविंद सिंह जी की जयंती २७ दिसंबर को लेकर जगह जगह कार्यक्रम और बड़े लेख लिखे जा रहे हैं। आज २५ दिसंबर को जीवन के हर क्षेत्र में सफल अटल बिहारी वाजपेयी जी को याद करने के साथ ही देशसेवा और मानवउत्थान के लिए संघर्षरत रहे पंडित मदन मोहन मालवीय जी की जयंती भी मना रहे हैं और उनके किए गए कार्याे के लिए सभी नमन करते हुए आगे बढ़ने का संकल्प रहे हैं। पाठक समझ सकते हैं कि मैने जो पूर्व में शब्द दोहराए कि दिसंबर माह महत्वपूर्ण और शुभ क्यों है। मैं कोई विद्वान तो हूं नहीं। अनपढ़ होने के साथ साथ जीवन की शुरूआत दरिद्रता से कर आपके बीच रहकर जो जाना सीखा उसकी का परिणाम है कि मुझे भी लगता है कि यह महीना महत्वपूर्ण है क्योंकि आज हम २५ दिसंबर को पंडित मदन मोहन मालवीय और अटल बिहारी की जयंती मना रहे हैं। तो २३ दिसंबर को हम स्वंतत्रता सेना और आर्य समाज के नेता स्वामी श्रद्धानंद का बलिदान दिवस मना चुके हैं। आगामी २७ दिसंबर को गुरू गोविंद सिंह की जयंती पर उनके प्रति नतमस्तक और आस्था से अभिभूत होकर उन्हें नमन करने का इंतजार भी कर रहे हैं। वर्तमान में जो अमीरी गरीबी की खाई बढ़ रही है। आम आदमी मेहनत के बाद भी दो वक्त की रोटी के लिए संघर्ष कर रहा है। देश में भयमुक्त वातावरण की आवश्यकता समझी जा रही है। ऐेसे में इन महापुरूषों को याद कर हम इस वर्ष को विदाई और नए साल का स्वागत कर ऐसे संकल्प कर सकते हैं जिससे जनहित में काम करने देश की एकता अखंडता के लिए संघर्षरत रहकर अपने साथियों को जोड़ने को काम कर सकते हैं।
(प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)
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