Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • फर्जी सैलरी स्लिप के जरिए बैंक से लिया करोड़ों का पर्सनल लोन, 5 गिरफ्तार
    • स्कोडा की कारों पर लाखों रुपये के डिस्काउंट ऑफर मिल रहे
    • अक्ल पर ताला लगा रहा एआई! खत्म हो रही इंसानों की तर्क-शक्ति
    • सरकार और निर्माणकर्ता असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को दे मुआवजा लेकिन एफआईआर उचित नहीं
    • सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों को सरकार दुकानें बनाकर देने के साथ दे आर्थिक मदद, दोषी अफसरों को भी भेजा जाए जेल, एक व्यक्ति को दी जाए नौकरी, बाजार बंद ने स्पष्ट किया कि हर कोई व्यापारी के साथ है
    • आईपीएल 2026 में कोलकाता टीम घर में पहली जीत की तलाश में उतरेगी
    • पाकिस्तान ने खुद ही थपथपा ली अपनी पीठ, आतंकी देश पर भरोसा किसी को नहीं
    • सैलून चलाने वाले को मिला ₹72 लाख का जीएसटी नोटिस, बैंक खाता फ्रीज
    Facebook Instagram X (Twitter) YouTube
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Demo
    • न्यूज़
    • लेटेस्ट
    • देश
    • मौसम
    • स्पोर्ट्स
    • सेहत
    • टेक्नोलॉजी
    • एंटरटेनमेंट
    • ऑटो
    • चुनाव
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Home»देश»बीमा क्षेत्र में 100 फीसदी विदेशी निवेश को मंजूरी, बीमा कानून संशोधन विधेयक पर कैबिनेट ने लगाई मुहर
    देश

    बीमा क्षेत्र में 100 फीसदी विदेशी निवेश को मंजूरी, बीमा कानून संशोधन विधेयक पर कैबिनेट ने लगाई मुहर

    adminBy adminDecember 13, 2025No Comments15 Views
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    नई दिल्ली 13 दिसंबर। केंद्रीय कैबिनेट ने शुक्रवार को भारतीय बीमा कंपनियों में 100 फीसदी विदेशी निवेश (एफडीआई) की अनुमति देने वाले बीमा कानून (संशोधन) विधेयक-2025 को मंजूरी दे दी।

    सरकार का कहना है कि इससे बीमा सेक्टर में बड़े विदेशी निवेश आएंगे, प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और ग्राहकों को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी।यह बिल मौजूदा शीतकालीन सत्र में पेश किया जाएगा। यह उन 13 विधेयकों में शामिल है, जिन पर इस सत्र में चर्चा होनी है। इस वर्ष केंद्रीय बजट भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बीमा क्षेत्र में एफडीआई की सीमा 74 से बढ़ाकर 100 फीसदी करने का प्रस्ताव रखा था।

    इस विधेयक में कई संशोधन शामिल हैं, एफडीआई सीमा बढ़ाना, बीमा कंपनियों के लिए पूंजी की शर्तें आसान करना और एक नया समग्र लाइसेंसिंग ढांचा तैयार करना।

    इसके साथ ही सरकार एलआईसी के बोर्ड को अधिक अधिकार देने की भी तैयारी में है, जिनमें नए ब्रांच खोलने, भर्ती करने और संचालन संबंधी फैसले लेने की स्वतंत्रता शामिल होगी। इन बदलावों का उद्देश्य पॉलिसीधारकों की सुरक्षा बढ़ाना, कंपनियों की वित्तीय मजबूती सुनिश्चित करना और बीमा क्षेत्र में नई कंपनियों को प्रवेश के लिए प्रोत्साहित करना है। सरकार आईआरडीएआई और बीमा एक्ट में भी संशोधन करेगी।

    सरकार का कहना है कि इन सुधारों से बीमा उद्योग की दक्षता बढ़ेगी, व्यवसाय करना आसान होगा, नए खिलाड़ी बाजार में आएंगे और देश में बीमा कवरेज में वृद्धि होगी।

    बेहतर सेवाएं, तकनीक
    विदेशी निवेश से बीमा कंपनियां नई तकनीक, डिजिटल सेवाएं और बेहतर ग्राहक सेवा प्रदान कर पाएंगी।

    रोजगार के अवसर
    कंपनियों के विस्तार से बीमा क्षेत्र में एजेंटों और अन्य कर्मचारियों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

    ग्रामीण और छोटे शहरों में पहुंच
    बीमा कंपनियों के विस्तार से बीमा उत्पादों की पहुंच छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों तक बढ़ेगी।

    कम प्रीमियम
    प्रतिस्पर्धा बढ़ने से कंपनियां ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए प्रीमियम दरें कम कर सकती हैं, जिससे बीमा किफायती हो जाएगा।

    business FDI insurance tazza khabar tazza khabar in hindi
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
    admin

    Related Posts

    फर्जी सैलरी स्लिप के जरिए बैंक से लिया करोड़ों का पर्सनल लोन, 5 गिरफ्तार

    April 9, 2026

    स्कोडा की कारों पर लाखों रुपये के डिस्काउंट ऑफर मिल रहे

    April 9, 2026

    अक्ल पर ताला लगा रहा एआई! खत्म हो रही इंसानों की तर्क-शक्ति

    April 9, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Tazza khabar. All Rights Reserved.
    • Our Staff
    • Advertise

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.