मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के गोपनीय विभाग में इन दिनों बीएड की मार्कशीट हासिल करने के लिए छात्र-छात्राओं को खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। बिहार एसटीईटी में आवेदन के लिए मार्कशीट की अनिवार्यता के चलते दूर-दराज से अभ्यर्थी विश्वविद्यालय पहुंच रहे हैं, लेकिन निर्धारित शुल्क जमा कर तत्काल व्यवस्था में आवेदन करने के बावजूद कई छात्रों को महीने भर से मार्कशीट नहीं मिल सकी है।
प्रयागराज से करीब 700 किलोमीटर का सफर तय कर विश्वविद्यालय पहुंचे छात्र बृजेश का मामला सामने आने पर व्यवस्था की गंभीर खामी भी उजागर हुई। बृजेश ने गुरुवार काोkछत्र नेता अंकित अधाना को अपना परीक्षा परिणाम दिखाते हुए बताया कि वह परीक्षा में उत्तीर्ण है, लेकिन उसकी अंकतालिका में उसे अनुत्तीर्ण दर्शाया गया है।
इस त्रुटि को ठीक कराने के लिए वह करीब एक साल से विश्वविद्यालय के चक्कर लगा रहा है। अब उसे बिहार एसटीईटी के लिए आवेदन करना है, जिसके लिए सही मार्कशीट की जरूरत है।
बीएड की मार्कशीट के लिए सीसीएसयू के गोपनीय विभाग में मारामारी
बृजेश के मुताबिक गुरुवार को उसकी मार्कशीट संशोधन के लिए तीन बार खिड़की से अंदर भेजी गई, लेकिन हर बार उसे फेल दर्शाने वाली अंकतालिका ही वापस मिली। आखिर में कर्मचारियों ने उसे दो दिन बाद फिर आने के लिए कह दिया। इस पर अंकित अधाना ने प्रोक्टोरियल बोर्ड के प्रदीप चौधरी को मामले की जानकारी दी।
बिहार एसटीईटी के आवेदन को लेकर बढ़ी अभ्यर्थियों की परेशानी
मामला अधिकारियों तक पहुंचने के बाद देर शाम परीक्षा नियंत्रक और प्रदीप चौधरी ने संबंधित कर्मचारियों को तलब कर नाराजगी जताई। इसके बाद विशेष रूप से खिड़की खुलवाकर बृजेश की संशोधित मार्कशीट जारी कराई गई। साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं में आवेदन के लिए कई दिनों से मार्कशीट का इंतजार कर रहे अन्य अभ्यर्थियों की अंकतालिकाएं भी निकलवाई गईं।

