मेरठ 24 जुलाई (प्र)। मेरठ रेंज में कावड़ यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए मजबूत सुरक्षा खाका तैयार किया गया है। यहां 28 कांवड़ मार्गो से शिव भक्त कांवड़िया गुजरेंगे। ऐसे में इन मार्गो पर किसी भी तरह की अव्यवस्था हावी ना हो, इसको देखते हुए 148 बैरियर लगाए गए हैं।
नदी और नहर के आसपास 157 नाव और 139 प्रशिक्षित गोताखोर लगाए गए हैं। पूरे रेंज में 32 मंदिर हैं, जहां शिवरात्रि पर जलाभिषेक किया जाएगा, इसको लेकर भी प्लान बनाया गया है।
डीआईजी रेंज कलानिधि नैथानी ने बताया कि घाट, नदी और नहर के आसपास डबल बैरिकेटिंग, साइन बोर्ड, प्रकाश की व्यवस्था, पार्किग, कन्ट्रोल रुम व खोया पाया केन्द्र, पीए सिस्टम, वॉच टॉवर तथा एनडीआरएफ/एसडीआरएफ की टीमें तैनात रहेंगी।
उन्होंने बताया कि जनपद मेरठ में 7 मुख्य कावंड मार्ग हैं जिनकी दूरी 228 किमी है। इन मार्गो पर 26 बैरियर बनाये गए हैं।
अन्य जिलों की यह है व्यवस्था कावड़ यात्रा से जुड़े सभी जनपदों में इसी तरह की व्यवस्था तैयार की गई है। अन्य जिलों से जुड़ी व्यवस्था की बात करें तो बुलन्दशहर में 446 किलोमीटर के 10 मुख्य कावंड मार्ग, बागपत में 164 किलोमीटर के छह प्रमुख कावड़ मार्ग और हापुड़ में 131 किलोमीटर के पांच मुख्य कावड़ मार्ग हैं।
आपदा नियंत्रण के लिए यह बनी व्यवस्था डीआईजी ने बताया कि आपदा नियंत्रण के भी प्रमुख इंतजाम किए गए हैं। मेरठ में 12 नाव के साथ 35 गोताखोर, बुलन्दशहर में 37 नाव के साथ 58 गोताखोरों, बागपत में 8 नावों के साथ 20 गोताखोर और हापुड़ में 10 नावों के साथ 26 गोताखोर लगाए गए हैं। सभी नावों में लाइफ जैकेट रहेगी। नदी और नहर के आसपास पड़ने वाली पुलिस चौकी पर भी लाइफ जैकेट उपलब्ध रहेगी।
शिविरों में सीसीटीवी कैमरों से होगी निगरानी
कांवड़ मार्गों पर कांवड़ सेवा शिविरों की तैयारियां तेज हो गई। शिविरों को ईको-फ्रेंडली रखने पर जोर है। शिविरों में कैमरों से निगरानी होगी। अधिकांश कांवड़ सेवा शिविरों संचालकों ने इस बार शिविर को प्लास्टिक एवं पॉलीथिन फ्री रखने की तैयारी कर ली। स्टील के बर्तनों में कांवड़ियों को प्रसाद की व्यवस्था रहेगी। कांवड़ मार्ग पर कुछ सेवा शिविर 30 जुलाई से तो कुछ शिविर तीन से पांच अगस्त के बीच शुरू होंगे। वहीं, हरिद्वार से जल लेकर शिवभक्त आने शुरू हो गए हैं। राजस्थान के साथ दूसरे राज्यों के कांवड़ियां बोल बम के जयकारों के साथ बढ़ने लगे हैं।

