वरिष्ठ अधिवक्ता देवदत्त कामत ने अयोध्या के राम मंदिर से सोने चांदी की वस्तुओं के गायब होने और मंदिर ट्रस्ट का हिसाब ना होने का मुददा सुप्रीम कोर्ट में उठाते हुए कहा कि मंदिर निर्माण के समय दी गई चंदे की रशीदें सार्वजनिक की जानी चाहिए ताकि श्रद्धालुओं को पता चल सके कि उनका दान मंदिर तक पहुंचा या नहीं। इस तथ्य को दरकिनार कर मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि दान की जानकारी सार्वजनिक करना व्यवहारिक नहीं है। मुझे अदालत के निर्णय पर कुछ नहीं कहना क्योंकि निर्णय सबके हित में ही लिया गया होगा।
लेकिन मेरा केंद्र व प्रदेश सरकार से आग्रह है कि अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में जो हो मगर देशके अन्य मंदिरों में चढ़ावा चोरी व कीमती सामान चोरी होने की बात जो सामने आ रही है उनकी जांच होनी चाहिए क्योंकि आम आदमी धर्म के नाम पर जो दान देता है उसका अगर गलत उपयोग हो तो भक्तो की भावना को ठेस पहुंचती है और वर्तमान में सनातन धर्म के बढ़ते प्रभाव व आस्था को ध्यान में रखते हुए सरकार को दान दक्षिणा से चलने वाली सभी संस्थाएं रामलीला कमेटी व अन्य संस्थाओं का ऑडिट कराया जाए कि कितना चंदा आया और किस काम पर खर्च हुआ। मैं यह नहीं कहताकि लोग उसमें गडबड कर रहे होंगे लेकिन संपत्ति पर हक जमाने की भांति जो लोग पदों पर कब्जा जमाए बैठे हैं उसके पीछे क्या कारण है जो वह पद छोड़ने को तैयार नहीं होते। अगर लगता हो कि धार्मिक संस्था के चंदे की जांच से किसी की छवि खराब हो सकती है तो इसमें गोपनीय कार्रवाई की जाए और हर सूचना जिम्मेदार व्यक्ति को ही मिले मगर कीमती वस्तुओं व चंदे का हिसाब जानने का दान देने वाले को अधिकार है। और उसका उपयोग होना ही चाहिए।
(प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)
Trending
- वर्ल्ड चैंपियन स्पेन के हर खिलाड़ी को मिलेगा 863,000 डॉलर का बोनस
- दान की कीमती वस्तुओं व चंदे का उपयोग कैसे और कहां हुआ भक्तों को यह जानने का अधिकार है
- कॉकरोच जनता पार्टी का संसद मार्च जैसा आदोलनों में हमेशा होता है वहीं हुआ, प्रधानमंत्री को युवाओं के जख्मों पर मरहम लगाकर फिलहाल ?
- कार्तिक आर्यन पहुंचे बाद बाबा महाकाल की शरण में
- जैकलीन फर्नांडिस ने अपनी बहुमुखी प्रतिभा और प्रभावशाली उपस्थिति को एक बार फिर रेखांकित किया
- ‘तारा पोलर स्टेशन’ वैज्ञानिक प्रयोगशाला उत्तरी ध्रुव के लिए रवाना की गई
- करदाताओं को प्राथमिक पते के साथ एक अतिरिक्त पते की जानकारी भी देनी होगी
- गुप्त नवरात्रि के छठे दिन माता बगलामुखी मंदिर से निकाली भव्य शोभायात्रा

