लखनऊ, 21 जुलाई (ता)। आयुर्वेद विभाग के डॉक्टरों और कर्मचारियों ने आधार आधारित बायोमीट्रिक अटेंडेंस सिस्टम (एईबीएएस) पोर्टल में सेंध लगाई है। वे मनमाने तरीके से अपनी हाजिरी बनाने में सफल रहे। इस फर्जीवाड़े का खुलासा होने पर विभाग सक्रिय हो गया है। निदेशक ने सभी अधिकारियों को पूरे मामले की जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
कई डॉक्टर और कर्मचारी अस्पताल से बाहर रहते हुए भी हाजिरी दर्ज करते रहे। कुछ तो अस्पताल जाने के बजाय लखनऊ और रायबरेली में रहकर पूरे माह की उपस्थिति भरते रहे। आयुर्वेद विभाग के निदेशक डॉ. नारायण दास ने इस पर नाराजगी जताई है। उन्होंने गलत तरीके से हाजिरी बनाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। निदेशक ने सभी राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों को पत्र भेजा है। क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी तथा औषधि निर्माणशाला के अधीक्षक को भी सूचित किया गया है। उन्होंने पोर्टल में सॉफ्टवेयर का अनुचित प्रयोग करके गलत हाजिरी बनाने वाले कार्मिकों को चिह्नित करने को कहा है। कार्यालयाध्यक्षों को ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करनी होगी। यदि निदेशालय या शासन स्तर से गलत हाजिरी का मामला सामने आता है, तो कार्यालयाध्यक्षों को जिम्मेदार माना जाएगा। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी चिकित्साधिकारी या फार्मासिस्ट के फोन से अपनी हाजिरी दर्ज कर सकेंगे।
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