लखनऊ 21 जुलाई। ईडी ने हापुड़ स्थित मोनाड विवि में फर्जी डिग्री व मार्कशीट का रैकेट संचालित करने वाले आरोपितों की 25.44 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की हैं। इनमें फार्म हाउस, फ्लैट व लग्जरी वाहन हैं। यह संपत्तियां आरोपितों व उनके परिवारीजन के नाम खरीदी गई थीं।
ईडी लखनऊ जोनल कार्यालय की टीम इस मामले की जांच कर रही है। एसटीएफ ने मोनाड यूनिवर्सिटी की फर्जी मार्कशीट, डिग्री, प्रोविजनल प्रमाणपत्र, माइग्रेशन सर्टिफिकेट प्रमाणपत्र और अन्य शैक्षणिक दस्तावेज तैयार कर बेंचने और उनका सत्यापन करने वाले संगठित गिरोह को पकड़ा था। एसटीएफ ने मामले में 11 अगस्त 2025 को 11 आरोपियों के विरुद्ध आरोपपत्र दाखिल किया था। जांच में सामने आया कि मोनाड युनिवर्सिटी के चेयरमैन विजेंद्र सिंह हुड्डा ने आरोपी संदीप सहरावत और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर फर्जी मार्कशीट, डिग्रियां व अन्य शैक्षणिक दस्तावेज तैयार कर बेंचा था। जांच में 1,800 से अधिक छात्र-छात्राओं को फर्जी डिग्रियां, मार्कशीट व अन्य दस्तावेज बेचे जाने की बात सामने आई थी।
आरोप है कि फर्जी मार्कशीट, डिग्री, चरित्र प्रमाणपत्र और छात्रों के रिकॉर्ड के सत्यापन जैसे दस्तावेज तैयार कर उन्हें छात्रों को पैसे लेकर बेचा जाता था. जांच के दौरान अब तक 1,800 से अधिक छात्रों से जुड़े ऐसे रिकॉर्ड मिले हैं, जिन्हें फर्जी मार्कशीट, डिग्री और अन्य शैक्षणिक दस्तावेज उपलब्ध कराए गए.
फर्जी मार्कशीट और फर्जी डिग्रियां
ईडी के अनुसार, इस पूरे रैकेट से करीब 37.66 करोड़ रुपये की अवैध कमाई की गई. इस रकम का बड़ा हिस्सा नकद में लिया गया और बाद में उसे विभिन्न माध्यमों से खपाने की कोशिश की गई. हालांकि, जांच एजेंसी ने आरोपियों के बैंक खातों में धन के प्रवाह और कई परतों वाले लेनदेन का भी पता लगाया है.
इस मामले में पहले ईडी ने पीएमएलए की धारा 17 के तहत कई ठिकानों पर तलाशी भी ली थी. तलाशी के दौरान बड़ी संख्या में फर्जी मार्कशीट, फर्जी डिग्रियां और इन दस्तावेजों के सत्यापन से जुड़े आवेदन सहित कई अहम दस्तावेज बरामद हुए थे.
ईडी ने कहा है कि मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले समय में इस रैकेट से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जाएगी.

