मुजफ्फरनगर, 20 जुलाई (ता)। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने पांच वर्ष पुराने गोहत्या के मामले में दोषी मुफ्ती व दो सगे भाइयों को 10 साल की सजा सुनाई है। तीनों पर आठ-आठ लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। न्यायालय में पांच वर्ष तक मुकदमा चला, जिसमें अभियोजन की ओर से पांच गवाह, मांस के नमूनों की रिपोर्ट एवं जांच पेश की गई। इसमें गोहत्या होना सिद्ध हुआ।
निर्णय सुनाने के दौरान न्यायालय ने कहा कि गाय को भारत में गोमाता दर्जा प्राप्त है और हिंदू समाज में गोमाता अत्यधिक पूजनीय है। गोहत्या से बहुसंख्यक हिंदू समाज की धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं। गोवंश सरंक्षण अधिनियम का पालन करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है तथा उसका उल्लंघन कानूनी अवहेलना है।
जिला शासकीय अधिवक्ता राजीव शर्मा, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता कुलदीप कुमार ने कहा कि 24 जनवरी 2021 की रात लगभग 8ः10 बजे गांव बुड़ीना में मुंशाद व आस मोहम्मद उर्फ आशू पुत्र अलीहसन के घर पर छापेमारी की थी। यहां पर दोनों भाइयों के साथ मुफ्ती अबूजर पुत्र शमीम बल्ब की रोशनी में गोवंश का मांस काट रहे थे। पुलिस ने तत्काल अबूजर और मुंशाद को पकड़ लिया था, लेकिन आरोपित आस मोहम्मद उर्फ आशु मौके से फरार हो गया था।
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