मेरठ 20 जुलाई (प्र)। दिल्ली- मेरठ एक्सप्रेसवे के पांचवें चरण को पूर्ण करने की समयसीमा अक्टूबर रखी गई है लेकिन अभी काम की गति काफी धीमी है। चुड़ियाला व खरखौदा मोहिउद्दीनपुर मार्ग पर उतार-चढ़ाव के लिए रैंप बन गया है। लोहिया नगर, नरहेड़ा, चुड़ियाला व तलहटा के पास सड़क निर्माण कार्य पूरा हो चुका। लोहिया नगर व जैनुद्दीनपुर इंटरचेंज के आरओबी पर अभी गर्डर रखने का काम शुरू नहीं हो सका है। जैनुद्दीनपुर व खानपुर में नीचे तक लटक रही हाईटेंशन लाइन भी शिफ्ट नहीं हुई है। अधिकारियों का दावा है कि 30 जुलाई तक यह काम हो जाएगा। मार्ग पर कैमरों व साइन बोर्ड के लिए पोल लगा दिए हैं। लेकिन श्दैनिक जागरणश् की पड़ताल में सामने आया कि अक्टूबर तक भी काम होना मुश्किल है।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (डीएमई) का चौथा चरण डासना से मेरठ के परतापुर तक बना है, जिस पर आवागमन जारी है। इसी चौथे चरण के बीच से एक कनेक्टर मेरठ- बुलंदशहर हाईवे एनएच-235 पर बनाया जाना है। यह डीएमई का पांचवां चरण है, जिस पर मार्च 2024 में काम पूरा किया जाना था। काम द्य रुकवाकर किसान तलहेटा में धरने पर बैठे हैं। व्यवधान को देखते हुए कमिश्नर भानुचंद्र गोस्वामी ने अक्टूबर तक कार्य पूरा करने का अल्टीमेटम दिया है। 18 सप्ताह शेष हैं, लेकिन काम की रफ्तार काफी धीमी है। 14.6 किमी लंबाई के इस एक्सप्रेसवे पर 12 किमी से अधिक हिस्से पर डामर कार्य हो चुका लेकिन रुके हुए काम पूरे होने में समय लग सकता है। बीच-बीच में बनाए अंडरपास में से अधिकांश को मिट्टी भराव करके नहीं जोड़ा जा सका है।
चुड़ियाला व खरखौदा – मोहिउद्दीनपुर मार्ग पर उतार-चढ़ाव के लिए रैंप बन गया है। अब रोड पर ब्रिज बनेगा । जब ब्रिज तैयार हो जाएगा तब दोनों तरफ मिट्टी भराव करके जोड़ा जाएगा। रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी ) तैयार होना है। इसके पिलर तैयार हैं, उसके ऊपर गर्डर रखे जाने हैं। मौके पर काम होता दिखाई नहीं दिया। कुछ स्थानों पर कंक्रीट डाली गई थी, उस पर दो-तीन दिन पहले डामर कार्य हुआ है। लोहियानगर, नरहेड़ा, चुड़ियाला व तलहेटा के पास सड़क बन गई है।
जैनुद्दीनपुर इंटरचेंज पर आरओबी पर भी काम थमा है। खानपुर व जैनुद्दीनपुर तलहटा में हाईटेंशन लाइन अभी जमीन को छू रही हैं। जैनुद्दीनपुर तलहेटा में टोल प्लाजा का निर्माण इसी वजह से रुका है। ठेकेदार ने बताया कि 30 जुलाई तक हाईटेंशन लाइन शिफ्ट होने के बाद टोल प्लाजा का निर्माण पूरा हो जाएगा। तलहेटा में धरनारत किसानों ने एक किमी क्षेत्र में काम रुकवा रखा है।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे परियोजना निदेशक अरविंद कुमार का कहना है कि हाईटेंशन लाइन 30 जुलाई तक शिफ्ट होगी। अधिकांश स्थानों से अतिक्रमण हट चुका है। इंटरचेंज पर सड़क बनाने का काम जारी है। अक्टूबर तक काम पूरा किया जाएगा।
ये हैं किसानों के तर्क
जैनुद्दीनपुर तलहेटा में दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे के पांचवें चरण के लिए तलहेटा, भटजन, पलौता समेत 20 गांवों के किसानों ने अपनी जमीन दी। इन गांवों की शहर से दूरी लगभग 40 किमी है। उनका कहना है, जब इसी एक्सप्रेसवे पर चुड़ियाला में स्लिप रोड बन सकती है तो तलहेटा में क्यों नहीं ।
स्लिप रोड के निर्माण के लिए एनएचएआइ को अलग से जमीन नहीं खरीदनी है, इसके बाद भी इस रोड का निर्माण क्यों नहीं हो सकता।

