बहराइच 17 जुलाई। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिल से रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है। बता दे कि एक 12 साल के लड़के को मगरमच्छ ने ज़िंदा खा लिया। घटना से घर में चीख-पुकार मच गई। गांवों में दहशत का माहौल है। घटना का एक वीडियो सामने आया है। इसमें एक मगरमच्छ बच्चे को खाना खिलाता दिख रहा है। वही वीडियो देखकर सभी के रोंगटे खड़े हो गए।
घटना बौंडी थाना क्षेत्र की है। बच्चा गुरुवार को अपने चाचा के साथ धान के खेत में गया था। शाम को काम खत्म करने के बाद वह घाघरा (सरू) नदी के किनारे हाथ-पैर धोने गया था। इसी बीच झाड़ियों में छिपे मगरमच्छ ने अचानक उस पर हमला कर दिया, उसे अपने जबड़ों में पकड़ लिया और नदी में खींच ले गया।
वही मौके पर मौजूद गांववालों ने बच्चे को बचाने की बहुत कोशिश की, लेकिन मगरमच्छ के हमले की वजह से उसे बचाया नहीं जा सका। स्थानीय गांववालों ने देर रात नदी से उसकी बॉडी बरामद की। लाश का एक पैर और पेट का कुछ हिस्सा मगरमच्छ खा गया था। मृतक बच्चे के माता-पिता पहले ही गुज़र चुके हैं। वह अपने भाई-बहनों के साथ रहता था और इलाके के माधवपुरवा-करेहना विद्यालय में छठी क्लास का स्टूडेंट था।
पिता बुधराज की 5 साल पहले, जबकि मां की 7 साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी। चार भाई-बहनों में सुनील दूसरे नंबर पर था। उससे बड़ी बहन सुमन (14), छोटा भाई संजय (10) और सबसे छोटी बहन सीमा (7) है। तीनों भाई-बहन गांव के प्राथमिक स्कूल में पढ़ते हैं, जबकि सुनील पढ़ाई छोड़ चुका था। माता-पिता के निधन के बाद वह अपने चाचा विजय राज सिंह के साथ रहता था।
गांव वालों ने बताया कि गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे सुनील अपने चाचा विजय राज सिंह के साथ खेत में धान की रोपाई करने गया था। 3-4 घंटे तक रोपाई करने के बाद देर शाम दोनों खेत से लौटते समय घाघरा नदी में हाथ-पैर धोने लगे। इसी दौरान अचानक नदी से मगरमच्छ निकला और सुनील पर अटैक कर दिया।
यह देखकर उसके चाचा घबरा गए। शोर मचाकर उसे बचाने की कोशिश की। दौड़कर आसपास के खेतों में काम कर रहे लोगों को बुलाया। ग्रामीणों ने बच्चे को छुड़ाने की कोशिश की, लेकिन मगरमच्छ ने उसे नहीं छोड़ा। घटना की जानकारी मिलते ही गांव के लोग बड़ी संख्या में नदी किनारे पहुंच गए। परिजन भी रोते-बिलखते मौके पर पहुंच गए।
ग्रामीणों ने बड़े-बड़े बांस के डंडों की मदद से नदी में तलाशी अभियान शुरू किया। इस वक्त घाघरा नदी का बहाव काफी तेज है, इसलिए घटनास्थल से करीब 500 मीटर तक नदी में खोजबीन की गई। दो घंटे तक लगातार तलाश करने के बाद अंधेरा हो गया, लेकिन ग्रामीणों ने खोजबीन नहीं रोकी। वे टॉर्च की रोशनी में बच्चे की तलाश करते रहे।
करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद रात 10 बजे घटनास्थल से लगभग 300 मीटर दूर नदी में बच्चे का आधा शव उतराता मिला। ग्रामीणों ने शव को बाहर निकाला और इसकी सूचना पुलिस को दी। मगरमच्छ के हमले से शव क्षत-विक्षत हो चुका था। शुक्रवार सुबह पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।

