चंडीगढ़ 17 जुलाई। हरियाणा के जींद में देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चंडीगढ़ और पंजाब दौरे पर पहुंचे हैं। चंडीगढ़ में पीएम ने 4700 करोड़ रुपए के 10 प्रोजेक्ट का शिलान्यास और उद्घाटन किया।
इसके बाद वह जालंधर जाएंगे। यहां वह देश के 75 अमृत भारत स्कीम वाले रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन भी यहीं से करेंगे। इस दौरान वह प्रमुख डेरों के संतों से भी मुलाकात करेंगे। इसके साथ पीएम जालंधर में जनसभा भी करेंगे।
चंडीगढ़ पहुंचे पीएम मोदी के साथ कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी एक ही स्टेज पर दिखे। वहीं, उद्घाटन के नींव पत्थर पर AAP के सांसद का भी नाम लिखा दिखा। पीएम के आते ही राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने तस्वीर भेंट कर उनका स्वागत किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि चंडीगढ़ केवल एक शहर नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए व्यवस्थित और आधुनिक विकास का एक आदर्श मॉडल है। पीएम मोदी ने कहा कि चंडीगढ़ अपनी सुनियोजित बसावट, बेहतर जीवनशैली और उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाओं के लिए पूरे देश में जाना जाता है। उन्होंने कहा कि मां चंडी के आशीर्वाद से जुड़े इस शहर का विकास हमेशा से एनडीएम सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल रहा है। आने वाले समय में भी इसे और गति दी जाएगी।
पीएम मोदी ने कहा कि चिकित्सा के क्षेत्र में चंडीगढ़ हब है। चंडीगढ़ के विकास से हरियाणा पंजाब, हिमाचल और जम्मू कश्मीर के लोगों को भी लाभ होता है। जब मैं चंडीगढ़ रहता था तो मुझे कई बार पीजीआई जाना पड़ता है। मेरे कई जानकार पंजाब, हरियाणा, हिमाचल और जम्मू कश्मीर से इलाज करवाने के लिए आते थे। पीजीआई की क्षमता में बड़ा विस्तार हुआ। चिकित्सा के क्षेत्र में चंडीगढ़ अव्वल है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार देशभर में आधुनिक बुनियादी ढांचे, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं, तेज न्याय व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं के विस्तार पर लगातार काम कर रही है। चंडीगढ़ में शुरू की गई नई परियोजनाएं न केवल शहर के विकास को नई गति देंगी, बल्कि आसपास के क्षेत्रों के लोगों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इन विकास परियोजनाओं से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, शहरी सुविधाओं में सुधार होगा और चंडीगढ़ भविष्य में भी देश के सबसे आधुनिक और सुव्यवस्थित शहरों में अपनी पहचान बनाए रखेगा। पीएम ने भारतीय न्याय संहिता का जिक्र करते हुए कहा कि न्याय आधारित नई कानूनी व्यवस्था की शुरुआत भी चंडीगढ़ से हुई थी।

