सहारनपुर 17 जुलाई। कलक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को न्यायालय नगर मजिस्ट्रेट ने अवैध घोषित कर दिया है। लोक परिसर अप्राधिकृत अध्यासियों की बेदखली अधिनियम 1972 के तहत दायर बाद की सुनवाई में दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने यह आदेश पारित किया। बेदखली आदेश पारित करते हुए न्यायालय ने कब्जाधारकों पर अवैध कब्जे की क्षतिपूर्ति के रूप में 6.41 करोड़ से अधिक का जुर्माना भी लगाया। कोर्ट ने कब्जा हटाने के लिए 30 दिन का समय दिया है। कब्जा न हटाए जाने पर बलपूर्वक बेदखली के आदेश दिए।
कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद को शिकायतकर्ता द्वारा अवैध रूप से निर्मित होना बताया गया था। जांच के बाद लेखपाल नीरज कुमार ने सरकार की ओर से मामले में 24 मार्च 2025 ने वाद दर्ज करने को प्रार्थना पत्र दिया था। इस पर न्यायालय ने मस्जिद के कथित प्रबंधक अब्दुल हमीद पुत्र हसीबुद्दीन व अन्य को प्रतिवादी बनाते हुए वाद दर्ज कर लिया था।
मामले की सुनवाई न्यायालय नगर मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह के यहां हुई। इसमें प्रतिवादी ने मस्जिद को 1947 से पहले ब्रिटिश काल में निर्मित होने का दावा किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद गुरुवार को न्यायालय द्वारा आदेश पारित किया गया। इसमें न्यायालय ने कलक्ट्रेट परिसर में निर्मित मस्जिद अवैध मानते हुए बेदखली का आदेश पारित किया।
न्यायालय के आदेश के मुताबिक उक्त जमीन नान जेड ए खसरा नंबर-539 में कचहरी कलेक्ट्ररी का नाम अंकित है, जो सरकारी भूमि है। इस भूमि के 315 वर्ग मीटर में अवैध रूप से मस्जिद निर्मित थी। न्यायालय द्वारा बेदखली आदेश पारित करते हुए अवैध अध्यासियों पर 70 साल तक अवैध रूप से संपत्ति का अधिभोग करने को लेकर क्षतिपूर्ति के तौर पर छह करोड़ 41 लाख 65 हजार 500 रुपये का जुर्माना लगाया और नियमानुसार वसूली करने का आदेश पारित किया गया।
इस आदेश से पहले सभी न्यायिक औपचारिकताएं पूरी कर निर्णय दिया गया, जिसमें विपक्षी अपना दावा साबित करने में असफल रहे। न्यायायल ने आदेश के तहत अवैध अध्यासियाें को कब्जा हटाने के लिए 30 दिन का समय दिया है। साथ ही कब्जा नहीं हटाए जाने पर बलपूर्वक बेदखली की कार्रवाई किए जाने के आदेश दिए।

