सहारनपुर 08 जुलाई। देवबंद के विभिन्न गांवों में सरकारी भूमि पर कब्जा कर बनाई गई मस्जिद और मजारों को जिला प्रशासन ने नोटिस जारी किए हैं। सरकारी जमीन पर मस्जिद मजार बनाने के 11 मामलों में से छह पुष्टि होने पर अवैध निर्माण हटाने के लिए एक पखवाड़े का समय दिया है। निर्माण न हटाने की दशा में प्रशासन कार्रवाई करते हुए भूमि से कब्जा हटवाने के लिए ध्वस्तीकरण व अन्य कार्रवाई करेगा। शेष पांच अभी सक्षम न्यायालय में विचाराधीन हैं, जिनमें निर्णय आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शिकायत के आधार पर जिला प्रशासन ने जांच कराई जिसमें सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के मामले उजागर हुए हैं। गाँव सोहनचिड़ा में 2012 में करीब 0.0172 हेक्टेयर भूमि पर अवैध मस्जिद बना ली गई। जमीन का वर्तमान में मूल्य 11.52 लाख रुपये है। देवबंद तहसीलदार ने मस्जिद के मुतवल्ली अहसान को नोटिस जारी किया है। नोटिस में उन्हें 25 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति जमा करने का निर्देश दिया गया है। गांव पांडौली में भी 0.0300 हेक्टेयर भूमि पर मस्जिद बनाकर पक्का निर्माण किया गया है। वर्तमान में इस संपत्ति का बाजार भाव 20.01 लाख रुपये है।
गांव छलौली परगना नागल में भी सरकारी भूमि 0.2900 हेक्टेयर पर अवैध पक्का मदरसा बना लिया गया। इस निर्माण से राजस्व विभाग को करीब 19.69 लाख रुपये का नुकसान हुआ। देवबंद के ही गांव अंबेहटा शेखा में सरकारी जमीन 0.1000 हेक्टेयर पर कब्जा कर मदरसे का निर्माण कर लिया गया । राजस्व विभाग को 17.50 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। गांव पहाड़पुर में भी सरकारी जमीन पर कब्जा कर मस्जिद बनाने से राजस्व विभाग को 41.20 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। देवबंद तहसील के गांव अंबेहटा शेखा में मस्जिद का निर्माण कराया गया। कब्जाधारियों ने 10.100 हेक्टेयर जमीन पर मस्जिद का निर्माण कर लिया। इसमें 17.50 लाख रुपये का नुकसान हुआ। देवबंद तहसीलदार ने प्रबंधकों को 13 जुलाई को उपस्थित होकर पक्ष रखने का समय दिया है।
जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान का कहना है कि सरकारी भूमि पर किसी भी दशा में अवैध कब्जे स्वीकार नहीं किए जाएंगे। जांच में जिन स्थानों पर कब्जे मिले हैं, उन्हें निर्धारित प्रक्रिया पूरी कर हटवाने की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

