जम्मू, 07 जुलाई (ता)। अमरनाथ गुफा में स्थित पवित्र हिम शिवलिंग के इस वर्ष तेजी से पिघलने की खबरों ने श्रद्धालुओं के बीच चिंता बढ़ा दी है। मई महीने में इसकी ऊंचाई लगभग 7 फीट बताई गई थी, जो जून के अंत तक घटकर करीब 5 फीट रह गई थी। अब ताजा जानकारी के अनुसार, शिवलिंग की ऊंचाई घटकर लगभग 1 फीट ही रह गई है।
श्रद्धालुओं का कहना है कि हर साल प्राकृतिक रूप से बनने वाला यह हिम शिवलिंग आस्था का प्रमुख केंद्र है और इसकी स्थिति में तेजी से आ रहे बदलाव को लेकर लोग चिंतित हैं। अमरनाथ यात्रा 57 दिनों तक चलती है और लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए यहां पहुंचते हैं।
बिना पंजीकरण पहुंचे बाबा बर्फानी के पांच हजार भक्तों को लखनपुर में रोका
अमरनाथ यात्रा करने आने वाले भक्तों को पंजीकरण सुनिश्चित होने के बाद ही जम्मू-कश्मीर का रुख करना होगा। प्रदेश प्रशासन ने बिना पंजीकरण के पहुंच रहे बाबा बर्फानी के भक्तों को जम्मू-कश्मीर के प्रवेशद्वार लखनपुर में ही रोकना शुरू कर दिया है।
गत दिवस शाम तक करीब पांच हजार भक्तों को लखनपुर यात्रा रिसेप्शन सेंटर पर रोका जा चुका था। कई भक्तों को यात्रा फिर से प्लान करने की हिदायत देकर लौटाया भी गया है। बिना पंजीकरण के लगातार पहुंच रहे भक्तों की संख्या बढ़ने और तत्काल पंजीकरण के स्लॉट उपलब्ध न होने के बाद प्रशासन ने ये फैसला किया है। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही माध्यमों से यात्रा पंजीकरण न होने से भक्तों में निराशा भी देखने को मिल रही है। बीती गत रात से ही यात्रियों को लखनपुर में रोकने का क्रम शुरू हो गया था। केवल अग्रिम पंजीकरण करा चुके भक्तों को ही लखनपुर में जांच और आरएफआईडी, ईकेवाईसी प्रक्रिया के बाद सुरक्षा घेरे में आगे जम्मू की ओर रवाना किया जा रहा है।
उधर, देशभर से यात्रा की आस लेकर पहुंच रहे भक्तों में भारी निराशा भी देखने को मिल रही है। अनाधिकारिक तौर पर श्रद्धालुओं को लौटने और पंजीकरण उपलब्ध होने के बाद ही यात्रा करने की हिदायत दी जा रही है।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने गत दिवस चंदनवाड़ी और नुनवान का दौरा कर तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नुनवान बेस कैंप में श्री अमरनाथ जी यात्रा के मैनेजमेंट की समीक्षा की। चंदनवाड़ी में सौ बेड का अस्पताल सक्रिय है और यहां ओपीडी में हर रोज 2500 से अधिक मरीजों का इलाज किया जा रहा है। चंदनवाड़ी में उपराज्यपाल ने अधिकारियों, तीर्थयात्रियों, स्वयंसेवकों, लंगर सेवादारों और अन्य सेवा प्रदाताओं से बातचीत की। उन्होंने यात्रा प्रबंधन टीमों को निर्देश दिया कि वे तीर्थयात्रियों की प्रतिक्रिया पर ध्यान दें और चौबीसों घंटे मदद के लिए उपलब्ध रहें। चंदनवाड़ी के बेस अस्पताल में उन्होंने वार्ड, लैब और इमरजेंसी यूनिट का दौरा किया और मरीजों से बातचीत करके उनके हाल-चाल और देखभाल की गुणवत्ता के बारे में जाना।
उपराज्यपाल को कहा गया कि दवाइयों और जरूरी मेडिकल उपकरणों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। ओपीडी में हर दिन औसतन 2,500 मरीज देखे जा रहे हैं। तीर्थयात्रियों की मदद के लिए चंदनवाड़ी में 100 बिस्तरों वाला अस्पताल पिछले दो वर्षों से काम कर रहा है और जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं दे रहा है। उपराज्यपाल ने अस्पताल में भर्ती कई मरीजों से मुलाकात भी की। उन्होंने कहा कि ऊंचाई पर होने वाली दिक्कतों और ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहे यात्रियों को यहां त्वरित और बेहतर इलाज मिल रहा है जिससे कई लोगों की जान बचाई जा सकी है।
उपराज्यपाल ने एक्स पर जारी संदेश में कहा कि सरकार के सभी विभागों के आपसी सहयोग से हम भगवान शिव के भक्तों को बेहतरीन भोजन और रहने की सुविधा देने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि तीर्थयात्रियों को अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए हमारे डॉक्टरों, पैरामेडिक्स और हेल्थकेयर वर्करों के समर्पण की मैं दिल से सराहना करता हूं।
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