ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार का कार्यक्रम चल रहा है. 4 जुलाई से शुरू हुए इस कार्यक्रम का समापन 9 जुलाई को होगा. ईरान की ओर से दुनिया के अलग-अलग देशों से दिग्गजों को इस राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए बुलाया गया है.
अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में उमड़ी भीड़ को देखने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हैरान जताई थी. उन्होंने एक साक्षात्कार के दौरान कहा कि मुझे लगता था कि ईरानी खामेनेई से नफरत करते हैं. इसके साथ ही ट्रंप ने धमकी देते हुए कहा कि अमेरिका चाहे, तो सभी ईरानी नेताओं को एक साथ खत्म कर सकता है. अब ट्रंप की इस धमकी पर ईरानी का पलटवार आया है.
अमेरिका पर बरसा ईरान
ट्रंप के बयान की ईरान की ओर से आलोचना की गई. कड़े शब्दों में जवाब देते हुए आर्मेनिया में ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि अमेरिका ने 4 जुलाई को अपना 250वां स्वतंत्रता दिवस मनाया. अमेरिका कभी भी खामेनेई की मौत के बाद शोक की भारी लहर को नहीं समझ सकता है. पोस्ट में कहा गया कि अमेरिका के पास न अपनी सभ्यता है और न कोई इतिहास और सम्मान.
आदर्शों को कैसे मारेंगे?
वहीं, इस पोस्ट में कहा गया कि लोगों को मारा जा सकता है, लेकिन आदर्शों को नहीं खत्म किया जा सकता. आपने अयातुल्ला अली खामेनेई को मार दिया, लेकिन असल में आपने इत्र की एक ऐसी शीशी तोड़ी जिसकी खुशबू हर जगह फैल गई.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने दी थी धमकी
बता दें कि ईरानी दूतावास का यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब ट्रंप ने Axios को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने अंतिम संस्कार के जुलूस में शामिल होने वाले हजारों ईरानियों को देखकर हैरानी जताई थी. ट्रंप ने कहा था कि मुझे लगा था कि लोग खामेनेई से नफरत करते हैं. हो सकता है कि ये नकली आंसू हों.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने चेतावनी देते हुए यहां तक कह दिया था कि अगर वाशिंगटन चाहे तो ईरान के बचे हुए शीर्ष अधिकारियों को “एक शॉट” में खत्म कर सकता है, लेकिन उन्होंने साफ किया कि तेहरान के साथ राजनयिक बातचीत के रास्ते खुले रखने के लिए अमेरिका ऐसा नहीं करेगा.
फिर कोई बचेगा ही नहीं…
Axios ने अपनी पोस्ट में कहा कि वे सब वहां हैं. एक शॉट और हम उन सभी को खत्म कर सकते हैं, लेकिन हम ऐसा नहीं करने जा रहे हैं क्योंकि तब हमारे पास बातचीत करने के लिए कोई नहीं बचेगा. बता दें कि दिवंगत नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के पार्थिव शरीर अभी तेहरान में रखा गया है. यहां पर बड़ी संख्या में उनके समर्थकों की भीड़ है. इसके साथ ही दुनिया भर की हस्तियां भी मौजूद हैं, जिन्हें ईरान ने इस राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए निमंत्रण दिया था.
विदेशी प्रतिनिधिमंडलों को ईरान ने क्यों दिया संदेश?
ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का अंतिम संस्कार तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला में चल रहा है. इस राजकीय अंतिम संस्कार में दुनिया भर से श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है. भारत सहित कई देशों ने तेहरान में अपने प्रतिनिधिमंडल भेजे हैं. ईरान की ओर से इस अंतिम संस्कार को अमेरिका और इजरायल की ओर से शुरू किए गए युद्ध में अपनी जीत को प्रदर्शित करने की कोशिश की गई है.

