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    Home»देश»मंदिर झुक गया सीधा करने में मिली सफलता, एएसआई तकनीकी को और मजबूत व प्रचारित किया जाए
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    मंदिर झुक गया सीधा करने में मिली सफलता, एएसआई तकनीकी को और मजबूत व प्रचारित किया जाए

    websitemarketing2019@gmail.comBy websitemarketing2019@gmail.comJuly 3, 2026No Comments6 Views
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    हमारे द्वारा बनाए गए घर और दादा नाना के समय किए गए निर्माण के दौरान सुनने को मिलता था कि घर पुराना हो गया है और यह भी खतरा रहता था कि निर्माण कमजोर होने से यह गिर सकता है। लेकिन रुद्रप्रयाग के नारी गांव में ऐतिहासिक मुंगेश्वर महादेव मंदिर एवं चंडिका मंदिर के झुकने पर भारतीय पुरात्व सर्वेक्षण ने एक जटिल संरक्षण अभियान के बाद मंदिर को सुरक्षित कर दिया। सदियों पुराना यह मंदिर उत्तर दिशा की ओर झुक रहा था जिससे इसके ढहने का खतरा ब ढ़ गया था। चलाए गए विशेष कार्य के तहत मंदिर को शिखर से नींव तक दोबारा स्थापित किया गया है। इस संबंध में पुरात्व विभाग के अनुसार नागर शैली में निर्मित यह मंदिर रुद्रप्रयाग मुख्यालय से १४ किमी दूर है। इसकी संरचना १२ या १३वीं इस्वी की मानी जाती है जबकि मंदिर के कुछ अवशेष नौवीं व दसवी शताब्दी के माने जाते थे। मंदिर की छत इसकी विशेष पहचान है। मंदिर उत्तर दिशा की ओर झुक गया था अगर संरक्षण नहीं किया जाता तो यह अमूल्य धरोहर क्षतिग्रस्त हो सकती थी। यह जानकारी प्राप्त होने पर बात सामने आई कि कोई इमारत के गिरने का डर है उसे बिना तोड़े उसमें सुधार कर पुरानी स्थिति में उसे पहुंचाया जा सकता है। अभी इमारतों तक ही यह व्यवस्था सुनाई दे रही है लेकिन जैसे जैसे दुनियाभर में नई तकनीकी विकसित की जा रही है। भविष्य में हो सकता है कि इमारतों और पहाड़ों व महलों को भी इस पद्धति से संरक्षित कर बचाया जा सकता है। इस तकनीकी को और मजबूत बनाने के लिए प्रयत्नशील लोग प्रयास कर रहे हैं। पिछले दिनों खबरें पढ़ी कि मशीन से मकान या छत उठाकर दूसरी जगह पहुंचा दिया गया लेकिन कई बार यह भी पता चला कि उसमें इतने लोग घायल हो गए इमारत ढह गई। लेकिन नई तकनीक का लाभ उठाना चाहिए। सरकार इसके संबंधित विभाग को सभी सुविधाएं उपलब्ध कराएं जिससे सब जगह गिरने की संभावना वाली इमारतें समाप्त हो और एएसआई को सहयोग व सुविधा मुहैया कराना चाहिए।
    (प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)

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