मेरठ 01 जुलाई (प्र)। कांवड़ यात्रा 2026 में वेस्ट यूपी में इस बार वाहनों के पहिये नहीं रुकेंगे। इसके लिए पुलिस-प्रशासन ने कमर कस ली है। व्यवस्था की जा रही है कि पारंपरिक रूट पर ही कांवड़िया चलेंगे और वेस्ट यूपी के तमाम एक्सप्रेस-वे और ग्रीन कॉरिडोर पर वाहन दौड़ेंगे।
मंगलवार को एडीजी मेरठ जोन भानु भास्कर और एडीजी ट्रैफिक ए.सतीश गणेश ने वीडियो कांफ्रेंस पर जोन के सभी पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों के साथ प्लानिंग की। डीआईजी मेरठ और डीआईजी सहारनपुर ने प्रेजेंटेशन दी और रूटमैप तैयार किया गया। आगामी इंटर स्टेट मीटिंग में पूरा प्लान बाकी राज्यों के पुलिस अधिकारियों से साझा किया जाएगा।
मेरठ एडीजी भानु भास्कर के कार्यालय में मंगलवार दोपहर कांवड़ यात्रा की तैयारियों को लेकर वीडियो कांफ्रेंस की गई। इसमें एडीजी ट्रैफिक ए सतीश गणेश, डीआईजी मेरठ कलानिधि नैथानी रहे। डीआईजी सहारनपुर अभिषेक सिंह समेत जोन के सभी जिलों के डीएम, एसएसपी/एसपी वीडियो कांफ्रेंस पर जुड़े। वीसी में मुख्य फोकस कांवड़ यात्रा की तैयारियां और वाहनों का रूट डायवर्जन रहा। डीआईजी मेरठ कलानिधि नैथानी और डीआईजी सहारनपुर अभिषेक सिंह ने अपना-अपना प्रेजेंटेशन भी दिया। बताया कि कांवड़ यात्रा के लिए पारंपरिक रूट का इस्तेमाल ही किया जाएगा। यानी जिन रास्तों से पूर्व में कांवड़ियां आते जाते रहे हैं, उन्हें ही इस्तेमाल किया जाएगा। वहीं, कांवड़ मार्ग पर एआई और एएनपीआर कैमरों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इन कैमरों का लिंक सीधे अधिकारियों के मोबाइल, लैपटॉप और कंट्रोल रूम में रहेगा।
रूटमैप तैयार कर लें
एडीजी मेरठ जोन भानु भास्कर और एडीजी ट्रैफिक ए सतीश गणेश ने निर्देश दिया है कि हर जिला अपने यहां से रोजाना गुजरने वाले वाहनों की संख्या और इन वाहनों के रूट डायवर्जन का पूरा रूटमैप तैयार कर ले। यातायात को इन एक्सप्रेस-वे और ग्रीन कॉरिडोर तक कैसे भेजना है, इसके लिए नक्शा बनाएंगे। इसके बाद कमियों को दूर करने के बाद संयुक्त प्लान तैयार किया जाएगा।
सभी विभाग 10 दिन में सर्वे कर बनाएंगे रिपोर्ट
कांवड़ यात्रा 30 जुलाई से शुरू है और शिवरात्रि 11 अगस्त की है। इस दौरान कांवड़ियों की आवाजाही शुरू हो जाती है। ऐसे में निर्देश दिया गया कि सभी विभाग कांवड़ मार्गों पर सर्वे करें और रिपोर्ट बनाए। जहां भी कमियां हैं, उन्हें तुरंत दुरुस्त कराया जाए। उधर, पुलिस को कांवड़ पटरी मार्ग और कांवड़ मार्ग पर बने गड्ढे खोजने के लिए लगाया गया है।
ऐसे रहेगी रूट प्लानिंग
● बागपत, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर वाहनों के डायवर्जन के लिए दिल्ली-दून के बीच बने ग्रीन कॉरिडोर का इस्तेमाल करेंगे।
● दिल्ली से जिन वाहनों को उत्तराखंड जाना है, उन्हें दिल्ली से सीधे ग्रीन कॉरिडोर पर डायवर्ट किया जाएगा।
● मेरठ से दिल्ली के बीच वाहनों के लिए डीएमई लगातार खुला रहेगा। कांवड़ियां एनएच-58 पर चलेंगे।
● हापुड़ वाहनों के डायवर्जन के लिए गंगा एक्सप्रेस वे का इस्तेमाल करेगा।
● बुलंदशहर में भी वाहनों के लिए गंगा एक्सप्रेस वे का इस्तेमाल किया जाएगा।
● मेरठ भी गढ़ होते हुए आगे जाने वाले वाहनों के लिए बिजौली से गंगा एक्सप्रेस वे का इस्तेमाल करेगा।

