मेरठ 27 जून (प्र)। फर्जी आइएएस अधिकारी के पीए पंकज मिश्रा की पत्नी बनकर 70 लाख रुपये की ठगी करने वाली सुमन मिश्रा को चारबाग रेलवे स्टेशन लखनऊ से गिरफ्तार किया गया है। महिला पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था, जो दो साल से फरार चल रही थी। महिला और उसके पति ने दिल्ली- देहरादून हाईवे स्थित सुशांत सिटी निवासी बीडीएस चिकित्सक से उनकी पत्नी को सरकारी नौकरी दिलवाने के नाम पर 70 लाख रुपये की ठगी की थी। गत वर्ष उक्त चिकित्सक दंपती को दुष्कर्म के मुकदमे में फंसाने के लिए महिला के पति ने एक अधिवक्ता को 50 लाख रुपये की सुपारी दी थी।
सुशांत सिटी निवासी डा. माधवेंद्र सिंह व उनकी पत्नी डा. ज्योति बीडीएस हैं। वर्ष 2018 में सरकारी चिकित्सक की भर्ती निकली थीं। उसमें ज्योति ने आवेदन किया था लेकिन उनका चयन न हो सका। मार्च 2023 में आइएएस अधिकारी का पीए बताकर पंकज मिश्रा उर्फ पिंटू निवासी द्वारिकागंज रेलवे स्टेशन के पास जिला सुल्तानपुर ने माघवेंद्र को बताया कि उनकी पत्नी को सरकारी डाक्टर बनवा देगा। पंकज अपनी पत्नी सुमन मिश्रा, भाई प्रभात कुमार और चालक बबलू के साथ उनके घर आया। चारों ने उनका चयन कराने का भरोसा दिलाया। उनकी बातों में आकर उन्होंने आठ बार में उन्हें 70 लाख रुपये दे दिए। एक अक्टूबर 2023 को एमसीक्यू (मल्टीपल चाइस क्वेश्चन) के आधार पर परीक्षा हुई थी। 23 नवंबर 2023 को रिजल्ट घोषित हुआ तो उसमे ज्योति का नाम नहीं था। तब माधवेंद्र ने उक्त आरोपितों पर ठगी का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने पंकज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पंकज लखनऊ समेत अन्य जनपदों से करोड़ों रुपये की ठगी कर चुका है।
एसपी सिटी विनायक भोसले ने बताया कि सुमन को टीपीनगर थाना पुलिस ने गुरुवार रात को लखनऊ से गिरफ्तार कर शुक्रवार को जेल भेजा। महिला के पति ने 50 लाख की सुपारी देकर डाक्टर को फंसाया था दुष्कर्म में हिस्ट्रीशीटर अमित मरिंडा ने अधिवक्ता गोविंद मोहन शर्मा को दुष्कर्म के मामले में जेल भिजवा दिया था। वहां पर अधिवक्ता से पंकज की मुलाकात हुई। पंकज ने माधवेंद्र को फर्जी मुकदमे में फंसाने के लिए गोविंद मोहन को 50 लाख रुपये सुपारी दी थी। पिछले साल जेल से छूटने के बाद अधिवक्ता गोविंद मोहन ने नगर निगम कर्मचारी दीपक पंजाबी और नशा मुक्ति केंद्र संचालक आशीष कुमार व वीरेंद्र शर्मा से संपर्क किया। ये तीनों अमित मरिंडा गैंग से जुड़े हैं। इसी बीच भावनपुर क्षेत्र में एक किशोरी से छात्र विकास ने दुष्कर्म किया था। अधिवक्ता ने पीड़ित किशोरी के स्वजन से संपर्क किया। दुष्कर्म के मुकदमे में विकास के साथ डा. माधवेंद्र और मुकुल जैन को भी नामजद करा दिया। सच्चाई सामने आने पर नौचंदी थाने में पंकज मिश्रा, गोविंद मोहन, दीपक पंजाबी, आशीष और वीरेंद्र के खिलाफ मुकदमा कराया गया था।
राधेश्याम की पत्नी का चचेरा भाई है पंकज
जून 2024 को ब्रह्मपुरी के इंदिरानगर निवासी राधेश्याम मिश्रा की पत्नी सुनीता की हत्या कर दी गई थी। राधेश्याम सुल्तानपुर के मूल निवासी है। सुनीता की भतीजे सुधाकर ने हत्या कर दी थी। आरोपित पंकज मिश्रा भी राधेश्याम की पत्नी सुनीता का चचेरा भाई है।

