देहरादून 26 जून। उत्तराखंड सरकार हरिद्वार के रोशनाबाद से बिहारीगढ़ (सहारनपुर) तक हाइस्पीड फोरलेन ग्रीनफील्ड हाइवे बनाकर औद्योगिक इकाइयों को सीधे दिल्ली-देहरादून इकोनामिक कारिडोर से जोड़ने जा रही है। इससे निवेश, उद्योग और व्यापार को नई गति मिलेगी। दिल्ली – देहरादून इकोनामिक कारिडोर से जुड़ने के बाद उत्तराखंड के उद्योगों की देश के बड़े बाजारों तक पहुंच आसान होगी। करीब 1250 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला 30.40 किलोमीटर लंबा यह कारिडोर राज्य के औद्योगिक व आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसका असर उद्योग, व्यापार, पर्यटन और स्थानीय रोजगार पर भी दिखाई देगा।
हरिद्वार उत्तर भारत का प्रमुख धार्मिक शहर होने के साथ-साथ तेजी से उभरता औद्योगिक केंद्र भी है। यहां सिडकुल समेत कई औद्योगिक इकाइयां हैं, जहां से देशभर में उत्पाद भेजे व मंगाए जाते हैं। वर्तमान में रोशनाबाद से कुर्कावाला होते हुए बिहारीगढ़ तक जाने के लिए राज्यमार्ग का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन सीमित चौड़ाई व घनी आबादी वाले क्षेत्रों से गुजरने के कारण यहां अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है, जिससे यातायात के साथ औद्योगिक गतिविधियां भी प्रभावित होती हैं। इसी चुनौती को देखते हुए लोक निर्माण विभाग ने ग्रीनफील्ड हाइवे की योजना तैयार की है।
यह मार्ग मौजूदा सड़क के विस्तार के बजाय नई भूमि पर विकसित होगा। इससे भारी वहनों की
आवाजाही तेज हो सकेगी व आबादी वाले क्षेत्रों में ट्रैफिक का दबाव कम होगा। मजबूत सड़क नेटवर्क का लाभ हरिद्वार व आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों के साथ स्थानीय व्यापार को भी मिलेगा। कांवड़ यात्रा, कुंभ और बड़े स्नान पर्वों के दौरान यह मार्ग वैकल्पिक कारिडोर के रूप में काम करेगा, जिससे यातायात व्यवस्था अधिक सुगम हो सकेगी। लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता राजेश शर्मा ने बताया कि परियोजना में सर्वेक्षण और डिजाइन स्तर पर कार्य जारी है। यह मार्ग भविष्य में राज्य के आर्थिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

