धाना 80 की आड़ में श्रीकुंज का भूउपयोग कराए बिना अवैध निर्माण, रेरा में रजिस्ट्रेशन नहीं है व मानचित्र का प्रदर्शन नहीं, होटल क्रिस्टल पैलेस से संबंध राजेन्द्र सिंघल तरूण गुप्ता और अजय पर हो कार्यवाई
मेरठ, 24 जून (दैनिक केसर खुशबू टाईम्स)। एक तरफ हम जल भूमि और वृक्ष आम आदमी के हित और पर्यावरण संतुलन बचाने के लिए प्रयास कर रहे हैं तो दूसरी ओर संबंधित विभागों के कुछ एई जेई और इंजीनियरों अथवा संबंधित अधिकारियों की मिली भगत से कुछ घोषित अघोषित भूमाफिया अवैधनिर्माण कर्ता कृषि की भूमि पर अवैध रूप से रिहायशी और कॉमर्शियल प्लाट काटकर कैसे बेच रहे हैं। माननीय मुख्यमंत्री जी आये दिन हो रही अग्निकांड की घटनाओें आदि को ध्यान में रखकर इस संदर्भ में सोचने की बड़ी आवश्यकता संबंधित विभागों के अधिकारियों को है।
माननीय मुख्यमंत्री जी मेरठ जनपद की ऐतिहासिक तहसील सरधना के ग्राम कक्केपुर में स्थित कृषि भूमि जो आबादी के निकट व भूनी टोल के निकट बतायी जा रही है पर तरूण गुप्ता अजय व होटल क्रिस्टल पैलेस से संबंध बताये जाने वाले राजेन्द्र सिंघल आदि द्वारा काटी जा रही कालोनी श्रीकुंज को लेकर चर्चाएं व्याप्त हैं। जानकारों का कहना है कि यह इस जमीन का भू उपयोग रिहायशी नहीं है यह अनुत्पादन की भूमि बतायी गयी है जिस पर अवैध निर्माण करने में संलग्न बिल्डर द्वारा कालोनी काटने का काम किया जा रहा है। चर्चा है कि 90 बीघा की भूमि का भूउपयोग परिवर्तन कराने के बजाये सिर्फ धारा 80 के तहत इस संदर्भ में कार्यवाई करने की प्रार्थना पत्र देकर उसे दबवा दिया गया और अब इसी नाम पर कालोनी काटी और बेची जा रही है जबकि धारा 80 मंें शायद कॉलोनाईजर को कोई राहत नहीं मिलेगी ऐसा जानकारों का कहना है। आबादी के बीच काटी ऐसा जानकारों का कहना है।
इस संदर्भ में दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मंे छपी एक खबर को लेकर जनसमस्याओं के समाधान के लिए माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा बनवाये गये जनसुनवाई पोर्टल पर हुई जिसका गोलमोल निस्तारण जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी द्वारा कर जिलाधिकारी जी को गुमराह करने वाली रिपोर्ट भी भेज दी गयी बतायी जा रहा है क्योेकि कितने ही समाज सुधार में लगे लोगों का कहना है कि –
- जो नक्शा पास बताया जा रहा है वह गलत तथ्यों पर आधारित है।
- बताया जा रहा है कि जितनी भूमि पर नक्शा पास कराया गया उससे ज्यादा का कालोनी के पीछे विकास किया जा रहा है।
- नक्शें में कितने भवन और प्लाट उक्त भूमि पर कटेंगे और कितने कट गये क्या बनना दर्शाया गया था और बन क्या रहा है इसकी जानकारी का भी कोई साक्ष्य मौके पर नहीं है।
- शिकायत होने पर जिला पंचायत के संबंधित अधिकारियों द्वारा मौके पर कई निर्माण होना बताये जाने के बाद भी सिर्फ कुछ निर्माणों के लिए राजेन्द्र सिंघल तरूण गुप्ता को नोटिस दिया गया अजय को क्यों छोड़ा गया यह भी चर्चाओं में है।
- यह स्पष्ट है कि ऐसी कालोनियों पर जो मकान बनेंगे उन्हंे नक्शा पास कराना पड़ेगा लेकिन शायद कोई नक्शा बनने वाले भवन का आवेदन नहीं किया गया और कितने बन रहे है और कितने बनेंगे।
- शासन का स्पष्ट आदेश है कि निर्माणाधीन स्थान पर जो नक्शा पास हुआ वह असल रूप में कालोनी के मुख्य गेट पर लगाया जाना अनिवार्य है वह भी नहीं लगाया गया।
- इतनी बड़ी कालोनी कट रही है लेकिन कॉलोनाईजर तरूण गुप्ता, राजेन्द्र सिंघल और अजय ने व सरकार की रेरा में कॉलोनी का रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है क्योंकि इसका ब्यूरा इनका चर्चा रेरा की वेबसाईट पर उपलब्ध नहीं आ रहा है।
माननीय मुख्यमंत्री जी शासन को मिलने वाले राजस्व की कई प्रकार से चोरी होने की चर्चा निर्माण नीति का उल्लंघन और धारा 80 का गलत लाभ उठाकर शहर में अवैध निर्माणकर्ता के रूप में चर्चित बिल्डरों द्वारा जो नियमों का उल्लंघन कर यह कॉलोनी काटी और बेची जा रही है इसकी जांच किसी अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति बनाकर जिलाधिकारी जी के माध्यम से कॉलोनियों और निर्माण से संबंधित सभी बिन्दुओं की विस्तार से जांच कराकर जो गलतियां की गयी है उन पर कार्यवाहीं की जाये।
-सिटिजन रिपोटर्स

