लखनऊ, 23 जून (ता)। अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले की जांच के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। एसआईटी के चेयरमैन और लखनऊ मंडलायुक्त आईएएस विजय विश्वास पंत ने आज मंगलवार को अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद को रिपोर्ट सौंपी। मुख्यमंत्री ने राम मंदिर ट्रस्ट की सिफारिश पर 14 जून को एसआईटी का गठन किया था और 15 दिन में जांच पूरी करने का समय दिया था। टीम ने अयोध्या में छह दिनों तक राम मंदिर परिसर में जांच की।
एसआईटी के चेयरमैन विजय विश्वास पंत ने कहा कि अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव को सौंप दी है। “जो भी फाइंडिंग थी उसको शामिल किया गया है। अभी इसके बारे में इससे ज़्यादा कुछ नहीं बताया जा सकता है। विशेष जांच दल में चेयरमैन लखनऊ कमिश्नर विजय विश्वास पंत , पुलिस महानिरीक्षक लखनऊ रेंज किरण शिवकुमार और यूपी फाइनेंस एंड अकाउंट्स सर्विस के विशेष सचिव (वित्त) नीलरतन कुमार शामिल हैं।
सूत्रों के अनुसार एसआईटी की रिपोर्ट करीब 150 पन्नों की है। इसमें 150 लोगों से पूछताछ का विवरण शामिल है। टीम ने सिफारिश की है कि मंदिर की व्यवस्था के लिए किसी वरिष्ठ अधिकारी को सीईओ नियुक्त किया जाए। सूत्रों ने कहा कि एसआईटी ने विस्तृत जांच के लिए और समय देने की भी सिफारिश की है। प्रारंभिक जांच में कई बिंदुओं पर गहन पड़ताल की जरूरत बताई गई है। गौरतलब है कि राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद राम मंदिर ट्रस्ट ने मुख्यमंत्री से एसआईटी गठित कर जांच कराने का अनुरोध किया था।
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