सिरसागंज (फिरोजाबाद) 18 जून। गांव भारील में बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में गोल्ड लोन के बदले गिरवी रखे गए सोने के 96 पैकेट गायब हो गए हैं। ग्राहकों का करोड़ों रुपये का सोना गायब होने का मामला सामने आते ही इलाके में खलबली मच गई।
बैंक के आगरा स्थित आंचलिक कार्यालय के मुख्य प्रबंधक आदित्य प्रताप सिंह की तहरीर पर थाना अरांव पुलिस ने बुधवार को भारील शाखा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक संदीप यादव समेत तीन बँक अधिकारियों के खिलाफ गबन और धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस पूरे घोटाले को बैंक तिजोरी (सेफ) की चाबियों में हेरफेर और अधिकारियों की आपसी मिलीभगत से अंजाम दिया गया है।
दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, भारील शाखा के स्टाफ अधिकारी व मुख्य चाबी धारक दिलीप कुमार 27 मई 2026 से बिना किसी पूर्व सूचना के बैंक से लगातार अनुपस्थित चल रहे थे। चूंकि बैंक की सोना रखने वाली तिजोरी (गोल्ड सेफ) दो चाबियों के संयोजन से खुलती है, जिसकी एक चावी दिलीप कुमार के पास थी, इसलिए उनके गायब होने से काम पूरी तरह ठप हो गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए आंचलिक कार्यालय की ओर से जांच के लिए वरिष्ठ प्रबंधक (सुरक्षा) अंकित जान्हू और घिरोर शाखा के वरिष्ठ प्रबंधक सुशील कुमार को 15 जून 2026 को भारील शाखा भेजा गया। जांच टीम ने घिरोर शाखा में रखी तिजोरी की डुप्लीकेट चाबी मंगवाई। इसके बाद बैंक के पैनल एडवोकेट शिवकुमार शर्मा की मौजूदगी और सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में गोल्ड सेफ को खोला गया तो अंदर का नजारा देखा जांच टीम के होश उड़ गए। ग्राहकों की ओर से लोन के एवज में गिरवी रखे गए करीब 96 गोल्ड पैकेट सेफ से गायब थे ।
इन तीन अधिकारियों पर दर्ज हुई प्राथमिकी
एसएसपी आदित्य लोहे ने बताया कि बैंक की आंतरिक जांच रिपोर्ट के आधार पर मुख्य प्रबंधक ने तीन अधिकारियों को आरोपी पाया है। इनमें संदीप यादव (तत्कालीन शाखा प्रबंधक) निवासी ग्राम उमराय, हाल निवासी- 928 प्रोफेसर कॉलोनी, शिकोहाबाद, दिलीप कुमार (स्टाफ अधिकारी / क्रेडिट अधिकारी) निवासी ग्राम बासगांव, पोस्ट राहिन, बकेवर, जिला इटावा और नरेश कुमार (स्टाफ अधिकारी) निवासी ग्राम रायपुरा करकोली, सादाबाद, जिला हाथरस शामिल हैं। इन तीनों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे ने बताया कि अरांव पुलिस और बैंक की विजिलेंस टीम संयुक्त रूप से मामले की जांच कर रही है।
फरार मुख्य आरोपी दिलीप कुमार की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद गबन किए गए सोने की सटीक कीमत और इस साजिश में शामिल अन्य व्यक्तियों का खुलासा होगा।

