प्रयागराज 18 जून। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने 465 स्ववित्तपोषित स्कूलों की मान्यता समाप्त कर दी है। इनमें सर्वाधिक गाजीपुर 47 समेत प्रयागराज के 25, प्रतापगढ़ 10. कौशाम्बी के 11 विद्यालय और अन्य जिलों के विद्यालय शामिल हैं। परिषद ने यह निर्णय विद्यालयों के शैक्षणिक सत्र 2024- 2025 और 2025 2026 में छात्रों के परीक्षा में शामिल नहीं होने और कक्षाएं संचालित नहीं करने के कारण लिया है। परिषद के नियमानुसार लगातार दो वर्षों तक शैक्षणिक गतिविधि में निष्क्रिय रहने वाले विद्यालयों की मान्यता स्वतः समाप्त हो जाती है।
परिषद के सचिव भगवती सिंह ने स्पष्ट किया है कि लगातार दो सत्रों से परीक्षा में कोई छात्र शामिल न होने और कक्षाएं संचालित न करने के कारण इन स्व वित्तपोषित विद्यालयों की मान्यता स्वतः समाप्त हो गई है। इस संबंध में विस्तृत विवरण प्रदेश के सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को उपलब्ध करा दिया गया है। यह कार्रवाई शिक्षा की गुणवत्ता और नियमित संचालन सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मान्यता समाप्ति के नियम और प्रावधान
इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम 1921 के तहत गठित परिषद विनियमों के अध्याय सात में संस्थाओं को मान्यता देने संबंधी प्रावधान हैं। इसी के विनियम 11 (ड) के अनुसार, यदि कोई हाईस्कूल या इंटरमीडिएट नवीन (वन टाइम) या इंटरमीडिएट नवीन वर्ग की मान्यता प्राप्त विद्यालय से लगातार दो शैक्षिक सत्रों तक कोई छात्र परीक्षा में शामिल नहीं होता है या कक्षाएं संचालित नहीं की जाती हैं, तो उस विद्यालय की प्रदत्त मान्यता स्वतः समाप्त समझी जाएगी।
प्रभावित विद्यालयों की संख्या
आगरा के 12, फिरोजाबाद के नौ, शिकोहाबाद का एक, मैनपुरी के 10, एटा के 18 मथुरा के 11, अलीगढ़ के 14, हाथरस के पांच, कासगंज के तीन, बुलंदशहर के चार, गाजियाबाद के छह गौतमबुद्धनगर के दो, मेरठ के पांच, बागपत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, रामपुर, लखीमपुर खीरी, कानपुर देहात, झांसी, ललितपुर जिले के एक एक स्कूल शामिल हैं। इसके अलावा मुरादाबाद के नी, अमरोहा के छह, बिजनौर के तीन, संभल के पांच, बरेली के दो, बदायूँ के पांच, शाहजहांपुर के तीन, सीतापुर के दो, हरदोई के 14, लखनऊ के 15, उन्नाव के दो रायबरेली के पांच, कानपुर नगर के 19 फर्रुखाबाद के तीन, इटावा के पांच, कन्नौज के नौ, औरया के तीन, जालौन के तीन, चित्रकूट के दो, प्रतापगढ़ के 10, फतेहपुर के 13, कौशाम्बी के 11, सुल्तानपुर के आठ, अयोध्या के आठ, बाराबंकी के दो, अंबेडकरनगर के नौ अमेठी के दो, बहराइच, हमीरपुर श्रावस्ती, गोंडा, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, चंदौली और भदोही जिले के एक एक स्कूल शामिल हैं। इसके अलावा बस्ती के पांच, संतकबीर नगर के 12, गोरखपुर के आठ, देवरिया के पांच कुशीनगर के तीन, आजमगढ़ के 16, मऊ के 15. बलिया के 10 जौनपुर के 10, गाजीपुर के 47. वाराणसी के चार, मिर्जापुर के छह और सोनभद्र के तीन समेत कुल 265 विद्यालय शामिल हैं।

