किठौर (मेरठ)। शाहजहांपुर के ठेकेदार के घर धमकी भरा पत्र और जिंदा कारतूस फेंककर 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के आरोपितों को पुलिस ने राजफाश किया है। पुलिस और स्वाट टीम ने मेरठ-हापुड़ सीमा से तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। चौंकाने वाली बात यह रही कि रंगदारी की पूरी साजिश ठेकेदार के सगे फूफा ने ही रची थी। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त स्प्लेंडर बाइक और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
शाहजहांपुर के मोहल्ला रंगरेजान होली चौक निवासी अमजद पुत्र लियाकत की रॉयल डेवलपर एंड कंस्ट्रक्शन कंपनी है। वह नगर पंचायत में निर्माण कार्यों के ठेके लेता है। शनिवार सुबह घर के मुख्य द्वार पर पड़े एक सफेद लिफाफे में उसे धमकी भरा पत्र और जिंदा कारतूस मिला था। पत्र में आठ दिन के भीतर 50 लाख रुपये देने की चेतावनी दी गई थी।
रकम न देने अथवा पुलिस और प्रभावशाली लोगों से शिकायत करने पर नौवें दिन उसकी ‘मय्यत सजाने’ की धमकी दी गई थी। पत्र में यह भी लिखा गया था कि उसकी हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही एसपी क्राइम अवनीश कुमार के निर्देशन में स्थानीय पुलिस, सर्विलांस और स्वाट टीम को जांच में लगाया गया।
सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर सुबह करीब 5:45 बजे हेलमेट पहने बाइक सवार दो युवक अमजद के घर के बाहर रुककर लिफाफा फेंकते दिखाई दिए। सर्विलांस टीम को भी कुछ संदिग्ध मोबाइल नंबर मिले, जिसके आधार पर पुलिस आरोपितों तक पहुंच गई।
इंस्पेक्टर सुबोध सक्सेना ने बताया कि मंगलवार देर रात संयुक्त टीम ने शाहजहांपुर-नानपुर बॉर्डर, मेरठ-हापुड़ सीमा के पास घेराबंदी कर महफूज उर्फ फूजी, आरिफ और शाहनवाज राणा को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद तीनों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।
पूछताछ में सामने आया कि पूरे घटनाक्रम का मास्टरमाइंड महफूज उर्फ फूजी है, जो अमजद का सगा फूफा है। वह शम्भूदास गेट क्षेत्र में बाइक रिपेयरिंग का काम करता है और प्रॉपर्टी डीलिंग से भी जुड़ा है। पुलिस के अनुसार ठेकेदार की आर्थिक स्थिति और बढ़ते कारोबार को देखकर उसके मन में मोटी रकम ऐंठने की लालच पैदा हुई।

