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    Home»देश»नृपेंद्र मिश्र ने राम मंदिर दान विवाद में एसआईटी गठन के फैसले का किया स्वागत
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    नृपेंद्र मिश्र ने राम मंदिर दान विवाद में एसआईटी गठन के फैसले का किया स्वागत

    websitemarketing2019@gmail.comBy websitemarketing2019@gmail.comJune 15, 2026No Comments4 Views
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    अयोध्या, 15 जून (ता)। राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण की जांच के लिए गठित एसआईटी पर भरोसा जताते हुए कहा कि राज्य सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 24 घंटे से भी कम समय में जांच समिति गठित कर दी। सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने समिति गठन के निर्णय की प्रशंसा करते हुए कहा कि एसआईटी में अनुभवी और वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है, जिससे निष्पक्ष जांच की उम्मीद है।
    नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि एसआईटी में एक मंडलायुक्त, एक आईजी स्तर के अधिकारी तथा वित्त विभाग के विशेषज्ञ अधिकारी को शामिल किया गया है। इनमें से एक अधिकारी कई वर्षों तक सीबीआई में भी कार्य कर चुके हैं। सरकार ने समिति को सात दिन में प्रारंभिक रिपोर्ट और 15 दिन में अंतिम रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि जांच समिति जो भी संस्तुतियां देगी, उनका क्रियान्वयन किया जाएगा तथा व्यवस्था में जहां भी कमियां होंगी, उन्हें दूर किया जाएगा।
    मंदिर निर्माण कार्यों की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि राम मंदिर परिसर की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए लगभग चार किलोमीटर लंबी बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया जा रहा है। यह कार्य छह स्थानों पर एक साथ शुरू किया गया है और अगस्त 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा 25 वॉच टावर भी बनाए जा रहे हैं, जिनका निर्माण अलग एजेंसी की ओर से कराया जा रहा है। बैठक में राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉक्टर अनिल मिश्र, रामकथा संग्रहालय के निदेशक डॉक्टर संजीव कुमार सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।
    नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि राम मंदिर की फसाड लाइटिंग का कार्य लगभग एक माह की देरी से चल रहा है, लेकिन इसे 15 अगस्त तक हैंडओवर करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके पूरा होने के बाद मंदिर की भव्यता और आकर्षण में और वृद्धि होगी। कहा कि बैठक में रामकथा संग्रहालय परियोजना की भी समीक्षा की गई है। संग्रहालय की 20 गैलरियों की पटकथा लगभग तैयार हो चुकी है और अब उसके अनुरूप वीडियो व अन्य प्रस्तुतीकरण सामग्री पर काम किया जा रहा है।

    ayodhya Desh Nripendra Misra welcomed the decision to constitute an SIT regarding the Ram Mandir donation controversy. Uttar Pradesh
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