कानपुर, 11 जून (ता)। सीबीएसई के आन स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) पोर्टल में तकनीकी खामियों को उजागर कर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आए झारखंड के 17 वर्षीय छात्र सार्थक सिद्धांत को आईआईटी ने नौकरी का प्रस्ताव दिया है। हालांकि, इस प्रस्ताव पर अभी तक छात्र की ओर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
आईआईटी निदेशक प्रो. मणीन्द्र अग्रवाल ने कहा कि सार्थक सिद्धांत की असाधारण तकनीकी समझ, विश्लेषण क्षमता और प्रतिभा को देखते हुए संस्थान ने उन्हें नौकरी का प्रस्ताव दिया है। उन्होंने बताया कि छात्र की सहमति मिलने के बाद आगे की औपचारिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
बताते चलें कि सार्थक ने ओएसएम पोर्टल से जुड़े दस्तावेजों का विश्लेषण कर करीब 15 तकनीकी विसंगतियों की ओर ध्यान आकर्षित किया था। उनके दावों के बाद यह मामला इतना गंभीर हो गया कि उन्हें संसदीय समिति के समक्ष भी अपने निष्कर्ष प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने तकनीकी जांच की जिम्मेदारी आईआईटी कानपुर और आईआईटी मद्रास के चार विशेषज्ञ वैज्ञानिकों की संयुक्त टीम को सौंपी। जांच के दौरान सार्थक ने भी महत्वपूर्ण तकनीकी सहयोग प्रदान किया।
जांच पैनल से जुड़े वैज्ञानिकों के अनुसार ओएसएम पोर्टल में कई सुरक्षा संबंधी कमजोरियां पाई गईं। रिपोर्ट में यह स्वीकार किया गया कि कोई भी सामान्य स्तर का हैकर मास्टर पासवर्ड का दुरुपयोग कर डेटा और रिकार्ड में छेड़छाड़ कर सकता था।
पोर्टल में अनधिकृत प्रवेश के कई संभावित रास्ते मौजूद थे, जिनकी पहचान कर उन्हें बंद किया गया और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाया गया। सुरक्षा सुधारों और तकनीकी परीक्षण के बाद पोर्टल को पुनः संचालित कर दिया गया है।
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