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    Home»देश»खुदाई में मिला मुगलकालीन घड़ा, 1640 ईस्वी के 330 से अधिक चांदी के सिक्के बरामद
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    खुदाई में मिला मुगलकालीन घड़ा, 1640 ईस्वी के 330 से अधिक चांदी के सिक्के बरामद

    adminBy adminJune 10, 2026No Comments8 Views
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    कुशीनगर 10 जून। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले से एक बेहद हैरान और रोमांचित करने वाला मामला सामने आया है. यहां तरयासुजान क्षेत्र के एक खेत में मिट्टी की खुदाई के दौरान पीतल का एक प्राचीन घड़ा मिला, जिसमें चांदी के सैकड़ों ऐतिहासिक सिक्के भरे हुए थे. घड़ा बाहर निकलते ही टूट गया और कीमती सिक्के खेत में बिखर गए. जैसे ही यह खबर फैली, पूरे इलाके में सनसनी मच गई और सिक्कों को समेटने के लिए ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. हालात इस कदर बेकाबू हो गए कि लोग देर रात तक कुदाल लेकर खेत खोदते रहे. बाद में पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला.

    घटना तरयासुजान थाना क्षेत्र के ग्राम सभा गोपालपुर के टोला ओझवलिया की है. यहां के रहने वाले राधेश्याम वर्मा के खेत में मिट्टी की खुदाई का काम चल रहा था. इसी दौरान जमीन के भीतर दबा एक पुराना पीतल का घड़ा मिला. घड़ा काफी जर्जर हो चुका था, जिसके कारण वह बाहर आते ही टूट गया और उसमें छिपे चांदी के प्राचीन सिक्के जमीन पर बिखर गए.

    प्रारंभिक जांच और सिक्कों की बनावट को देखकर अनुमान लगाया जा रहा है कि ये सिक्के लगभग वर्ष 1640 ईस्वी (मुगल काल) के हैं. इन सिक्कों पर अरबी, उर्दू या फारसी लिपि में कुछ लिखावट अंकित है, जिससे इनके प्राचीन और ऐतिहासिक महत्व के होने की पूरी संभावना जताई जा रही है. हालांकि, इन सिक्कों के वास्तविक कालखंड और ऐतिहासिकता की सटीक पुष्टि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी.

    खेत में प्राचीन खजाना मिलने की बात आग की तरह पूरे गांव और आसपास के इलाकों में फैल गई. देखते ही देखते मौके पर सैकड़ों ग्रामीणों का हुजूम इकट्ठा हो गया. सिक्कों को अपने कब्जे में लेने के लिए लोगों के बीच होड़ मच गई. खेत मालिक राधेश्याम वर्मा के अनुसार, घड़ा टूटने के बाद वहां मौजूद ट्रैक्टर चालकों और ग्रामीणों ने अधिकांश सिक्के उठा लिए. स्थिति यह थी कि घटना के बाद देर रात तक ग्रामीण टॉर्च की रोशनी में कुदाल लेकर खेत की खुदाई करते रहे ताकि उनके हाथ भी कुछ सिक्के लग सकें.

    सूचना मिलते ही तरयासुजान के थाना प्रभारी नितिन रघुनाथ श्रीवास्तव पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे. रात के अंधेरे और भारी भीड़ के कारण पहले दिन स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी थी. अगले दिन पुलिस ने जब गहराई से पूछताछ शुरू की, तो खेत स्वामी राधेश्याम वर्मा ने ईमानदारी दिखाते हुए अपने पास मौजूद सभी 330 चांदी के सिक्के स्वेच्छा से पुलिस को सौंप दिए.

    पुलिस अब उन ग्रामीणों और ट्रैक्टर चालकों की पहचान करने में जुटी है जो मौके से सिक्के उठाकर अपने साथ ले गए हैं. प्रशासन ने ग्रामीणों से भी अपील की है कि यह एक राष्ट्रीय धरोहर है, इसलिए जिसके पास भी ये सिक्के हैं, वे स्वेच्छा से इन्हें पुलिस या प्रशासन को सौंप दें, अन्यथा कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.

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