हर देशवासी को स्वच्छ हवा में सांस लेने व धरा को हरा भरा बनाए और प्रदूषण से बचाने के लिए वर्तमान समय में वृक्षारोपण का बहुत बड़ा योगदान है इससे इनकार नहीं किया जा सकता। चारों तरफ हरियाली हो आम आदमी पेड़ों के नीचे आराम कर सके और दस पुत्र एक समान की भावना को आत्मसात कर पौधारोपण और हरियााली का बहुत बड़ा महत्व है। कोरोना में जिस प्रकार से ऑक्सीजन की समस्याएं हुई और अब कुछ बड़े उद्योगपति स्वच्छ हवा कैद कर पैसों के बदले देकर माल कमाने में लग गए हैं लेकिन गरीब आदमी को हमारे द्वारा लगाए गए पोधों का ही आसरा है। कहते हैं कि वर्तमान समय में मौका और सहयोग है कि हम देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रदूषण से मुक्ति दिलाने और स्वच्छ वातावरण की स्थापना हेतु प्रयास के तहत हर साल करोड़ों पौधे लगवाए जा रहे हैं। इस वर्ष भी विभिन्न माध्यमों से कल पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर देश में करोड़ों पौधे रौपे जाएंगे। इसका लाभ सबको मिलेगा इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता। आओ हम सब मिलकर हरियााली से धरती का श्रृंगार करने और प्रदूषण से मुकाबले के लिए वृक्षारोपण कार्यक्रम में बढ़चढ़कर भाग लें और अपने विचारों को गोष्ठियों के माध्यम से घर घर पहुंचाने और बच्चों को इससे अवगत कराने के लिए इसमें भाग लें और ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाएं।
वृक्षारोपण के बाद इसके रखरखाव की व्यवस्था सरकार द्वारा की जाती है उसके बावजूद इतने पौधे जो लगाए गए वो जीवित रहे या लाखों में कितनों का रोपण हुआ इसे लेकर हमेशा ही चर्चाएं रही हैं। हम सबका कर्तव्य है कि यह देखें कि हमारे सरकार जितने वृक्ष लगवा रही है वो जीवित है या नहीं । अगर हमे लगता है कि किसी भी प्रकार से वृक्षारोपण अभियान में कोताही दिखाई गई है तो चार लाइन लिखकर सोशल मीडिया से अधिकारियों के साथ ही सीएम और पीएम के पोर्टल से उन्हें सूचित कराएं मैं विश्वास से कह सकता हूं कि वृक्षारोपण का मूल उददेश्य प्राप्त हो सकता है।
इस अभियान की सफलता और हर व्यक्ति को शुद्ध हवा प्राप्त हो इसके लिए वूक्षारोपण के साथ साथ हमें साफ पानी की नदियों तालाबों की बड़ी आवश्यकता होती है। इसलिए देशभर में सूखती और गंदी होती नदियों तालाबों में पेयजल के लिए गंदगी डालने वालों के खिलाफ खड़ा होना होगा क्योंकि नदियों में घटता पानी और तालाब सूख रहे है यह संदेश ना तो पौधों को जीवित रखने ना नागरिकों के लिए सही कह सकते हैं। इसलिए जरुरी है कि हम जैसे भी संभव हो नदियों तालाबों में जल बना रहे इसके लिए चौकसी से कार्य करना होगा। जिस प्रकार हम अपने घर के काम करते हैँ उसी प्रकार थोड़ा सा समय इस काम में लगाना पड़ेगा।
कह कुछ भी ले या लिख ले एक बात तो सही है कि कितने ही पौधे लगते हैं उसे छोड़कर हम विचार करें तो पौधारोपण अभियान का ही असर है कि आज चारों तरफ हरियाली का साम्राज्य है। इसके लिए सरकार का आभार व्यक्त कर अपना सहयोग दें और आलोचना करने वाले से कुछ होने वाला नहीं है।
(प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)
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