नई दिल्ली 18 मई। रोहिणी कोर्ट में जिला न्यायाधीश -04 राकेश कुमार-5 और एक अधिवक्ता के बीच शनिवार को तीखी बहस हो गई। इससे संबंधित वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। इसके बाद वकीलों की शिकायत पर दिल्ली हाई कोर्ट ने जिला न्यायधीश को न्यायिक कार्य से हटाकर दिल्ली ज्यूडिशियल अकादमी के साथ संबद्ध कर दिया है। यहां वह बतौर निदेशक कार्य करेंगे। वहीं, उनकी जगह दिल्ली ज्यूडिशियल अकादमी के अतिरिक्त निदेशक धीरज मित्तल को जिला न्यायाधीश 04, उत्तर- पश्चिमी, रोहिणी के पद पर नियुक्त किया गया है। हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल अरुण भारद्वाज ने रविवार को ये आदेश जारी कर इसे तत्काल प्रभाव से लागू करने का आदेश दिया है।
शनिवार को रोहिणी कोर्ट में सुनवाई के दौरान रोहिणी कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष व अधिवक्ता राजीव तेहलान एक मामले में पेश हुए थे। उन्होंने अदालत से पास ओवर देने (सुनवाई कुछ देर के लिए टालने) का अनुरोध किया। अधिवक्ताओं ने बताया कि इसी बात को लेकर जिला न्यायाधीश राकेश कुमार-5 और अधिवक्ता के बीच बहस शुरू हो गई। कुछ ही देर में बहस तीखी नोकझोंक में बदल गई। इस दौरान किसी ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो बाद में इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित कर दिया गया। वीडियो सामने आने के बाद अधिवक्ताओं के बीच नाराजगी बढ़ गई।
रविवार को दिल्ली की सभी जिला अदालतों की बार एसोसिएशन की समन्वय समिति की आपात बैठक हुई। इसमें समिति ने जिला न्यायाधीश राकेश कुमार-5 के व्यवहार को अत्यंत आपत्तिजनक, अनुचित और अस्वीकार्य बताया। बैठक में जिला न्यायाधीश राकेश कुमार-5 का तत्काल तबादला किए जाने या उनसे सभी न्यायिक कार्य वापस लिए जाने की मांग उठी। समिति के इस निर्णय हाई कोर्ट को भी अवगत कराया गया।
इसके कुछ समय बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने तबादला आदेश जारी कर दिया। हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ने कहा कि न्यायाधीश राकेश कुमार-5 के पास जो भी मामले लंबित हैं, उनकी जानकारी वह कार्यभार छोड़ने से पहले नए जिला न्यायाधीश को देंगे।

