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    Home»देश»पेपर लीक और परीक्षा रद होने का खामियाजा कब तक भुगतेंगे परीक्षार्थी
    देश

    पेपर लीक और परीक्षा रद होने का खामियाजा कब तक भुगतेंगे परीक्षार्थी

    adminBy adminMay 13, 2026No Comments4 Views
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    पेपर लीक होने के परिणामस्वरूप नीट यूजी की परीक्षा रद कर दी गई। जिससे इसमें बैठे लाखों परीथार्थियों का कुछ लोगों की वजह से भविष्य अंधकार मय हो गया क्योंकि जब दोबारा यह होगी तो किस्मत आजमाई जाएगी लेकिन जैसा देखने को मिल रहा कि परीक्षा में गड़बड़ी की बात सामने आती है जिससे वह निरस्त कर दी जाती है। अब सीबीआई को पेपर लीक की जांच सौंपी गई है। कहा जा रहा है कि जल्द ही स्थिति सही होने पर दोबारा परीक्षा कराई जाएगी। सवाल यह है कि इस बारे में बनी सुधार समिति के दिए गए अहम सुझावों के बावजूद भी परीक्षा से दो दिन पूर्व टेलीग्राम पर बिक गया पर्चा। इससे संबंध अफसर के द्वारा इसकी जिम्मेदारी अपने ऊपर ले ली गई है मगर सवाल उठता है कि जिम्मेदारी लेने या परीक्षा रद करने से इस समस्या का समाधान आसानी से निकल पाएगा। यह तो अभी नहीं कहा जा सकता लेकिन देश की दूसरे नंबर की पार्टी कांग्रेस सपा और आप पार्टी के नेताओं द्वारा इस मुददे को लेकर सरकार पर सीधे निशाना साधा जा रहा है। आखिर सवाल उठता है कि इतनी अभेद सुरक्षा व्यवस्था और बार बार पेपरलीक होने की परेशानी से बचने के लिए हर बार व्यापक इंतजाम किए जाने के दावे किए जाते हैं। मगर घुमा फिराकर परीक्षा के दौरान फिर कोई ना कोई पेपर लीक करने में सफल हो जाता है।
    देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा लापरवाही भ्रष्टाचार को समाप्त करने के किए जा रहे प्रयासों के बावजूद भी परीक्षाओं के मामले में इस कप्रकार का भ्रष्टाचार कैसे हो जाता है और पेपर लीक कराने वालों को यह भनक कहां से लगी है कि वो अपना कमाल दिखा सके। कहने का आश्य सिर्फ इतना है कि नीट यूजी की परीक्षा हो या कोई और उनके निरस्त होने से परीक्षार्थियों के भविष्य पर परेशानी उठती ही है सरकार के इंतजामों पर भी सवाल उठने लगते हैं और इन्हें कराने के लिए जो अभेद व्यवसथाएं सुरक्षा बनाने की जाती है वो असफल होती है और पैसा खर्च होता है वो अलग से। मेरा मानना है कि परीक्षाओं को समय से सही प्रकार कराने के लिए कुछ ऐसी नीति केंद्र सरकर को प्रदेश सरकार से मिलकर बनानी चाहिए जो ऐसा दोबारा ना हो क्योंकि नौजवानों का एक दिन महत्वपूर्ण होता है ऐसा होने से उनका साल खराब होता है जो उनके भविष्य पर परेशानी खड़ी करते हैं इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता।
    (प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)

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