हस्तिनापुर कस्बे की अनाज मंडी में शुक्रवार की सुबह एक हृदयविदारक घटना ने सभी को झकझोर दिया। गृह क्लेश से उपजे गहरे तनाव के चलते 36 वर्षीय जॉनी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस दुखद घटना ने मृतक के परिवार में मातम का माहौल बना दिया है। सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन परिजनों ने किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई से साफ इनकार कर दिया। दोपहर बाद गमगीन माहौल में जॉनी का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार, अनाज मंडी निवासी जॉनी पुत्र बाबूराम सिलाई का काम कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। करीब 15 वर्ष पूर्व उसकी शादी मेरठ के कमालपुर निवासी रीना के साथ हुई थी। दोनों के दो बच्चे, 13 वर्षीय प्रियांशी और 8 वर्षीय चिराग हैं।
परिजनों ने बताया कि पिछले कुछ समय से पति-पत्नी के बीच अनबन चल रही थी। करीब एक सप्ताह पहले रीना दोनों बच्चों को लेकर अपने मायके कमालपुर चली गई थी। पत्नी और बच्चों के चले जाने के बाद से जॉनी गहरे अवसाद और मानसिक तनाव में रहने लगा था।
अंतिम क्षणों की दास्तान
परिजनों के मुताबिक, जॉनी पिछले तीन दिनों से काफी परेशान था। इसी बीच फोन पर पति-पत्नी के बीच हुई बातचीत के बाद उसका अवसाद और बढ़ गया। शुक्रवार की सुबह करीब आठ बजे जब घर में कोई मौजूद नहीं था, जॉनी ने पंखे के कुंडे से फंदा लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
कुछ देर बाद जब परिजनों को घटना की जानकारी हुई तो घर में कोहराम मच गया। जानकारी होने पर पत्नी रीना भी दोनों बच्चों के साथ हस्तिनापुर पहुंची। उसने पति के साथ किसी बड़े विवाद से इनकार किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जानकारी ली, लेकिन परिजनों के आग्रह पर पोस्टमार्टम या अन्य कोई कार्रवाई नहीं की गई।
बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
मृतक जॉनी अपने दोनों बच्चों से बहुत प्यार करता था। परिवार वालों ने बताया कि वह बच्चों की हर जरूरत पूरी करने के लिए दिन-रात मेहनत करता था। पिता की अचानक मौत से बेटी प्रियांशी का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं आठ वर्षीय चिराग को तो यह भी समझ नहीं आ रहा कि उसके पिता अब हमेशा के लिए उसे छोड़कर चले गए हैं। पत्नी रीना भी लगातार बेसुध होकर रो रही है। सीओ मवाना पंकज लवानिया ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला गृह क्लेश के चलते आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। पुलिस मौके पर पहुंची थी, लेकिन परिजनों ने किसी भी कानूनी कार्रवाई से इनकार कर दिया।

