आगरा 08 मई। ताजमहल के पूर्वी गेट के पास स्थित शिल्पग्राम पार्किंग के मैनेजर ने आईपीएल सट्टे में लाखों रुपये हारने के बाद कंपनी के 2.87 लाख रुपये की फर्जी लूट की साजिश रची। पुलिस ने जांच के बाद इस मामले का खुलासा करते हुए मैनेजर और उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों से एक लाख रुपये और एक बाइक बरामद की गई है।
वादी ने बताया कि उनकी कंपनी ताजमहल के पूर्वी गेट स्थित शिल्पग्राम पार्किंग का ठेका संचालित करती है। कंपनी के आगरा ऑफिस में कार्यरत मैनेजर करन 3 मई को कुल 2,87,000 रपये बैंक में जमा कराने के लिए ले गया था, लेकिन रकम कंपनी के खाते में जमा नहीं हुई। पूछताछ करने पर करन ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया और रुपये वापस नहीं किए, जिससे गबन की आशंका हुई।
इस पर थाना ताजगंज में मुकदमा दर्ज कर पुलिस टीम का गठन किया गया। मुखबिर की सूचना पर 7 मई को पुलिस ने कार्रवाई करते हुए करन समेत तीन आरोपियों को कांशीराम आवास के पास से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में करन, भूदेव और राहुल शामिल हैं।
पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी करन ने बताया कि वह कंपनी के आगरा ऑफिस में मैनेजर है और पिछले कुछ समय से ऑनलाइन गेम (आईपीएल मैच) में सट्टा लगा रहा था, जिसमें उसने कंपनी के पैसे गंवा दिए। इसके बाद उसने अपने साथियों भूदेव और राहुल के साथ मिलकर गबन की योजना बनाई।
योजना के तहत 4 मई को तीनों ने मिलकर एक फर्जी लूट की कहानी रची। करन ने थाने में सूचना दी कि एडीए हाइट्स के पास दो अज्ञात लोगों ने उसकी गाड़ी रोककर बैग लूट लिया। बाद में जांच में यह कहानी झूठी निकली। पुलिस की सख्ती से पूछताछ में पूरा मामला सामने आ गया।
बताया गया कि तीनों आरोपी गबन की गई रकम का आपस में बंटवारा करने जा रहे थे, तभी पुलिस ने करन पुत्र स्व. रमेश, निवासी दिल्ली भूदेव पुत्र सोवरन सिंह, निवासी मलपुरा, आगरा राहुल पुत्र नरेश, निवासी मलपुरा, आगरा को दबोच लिया।

