लखनऊ 06 मई। उत्तर प्रदेश में वारिस या किसी बाहरी शख्स के नाम पर फ्लैट का ट्रांसफर करने के नाम पर बिल्डरों द्वारा वसूली जाने वाली मोटी रकम के खेल पर यूपी रेरा ने अंकुश लगा दिया है। अब रक्तसंबंधों में फ्लैट ट्रांसफर के लिए यूपी रेरा ने मात्र 1 हजार रुपये शुल्क तय किया है। किसी अन्य शख्स के नाम पर फ्लैट ट्रांसफर करने के लिए 5 हजार रुपये शुल्क लिया जाएगा। इस तरह के 19 हजार से ज्यादा मामलों में रेरा ने आवंटियों को 8 हजार करोड़ से ज्यादा की रकम वापस की है।
मंगलवार को यूपी रेरा के दस साल पूरे होने पर चेयरमैन संजय भूसरेड्डी ने बताया कि फ्लैट आवंटी की मृत्यु होने पर बिल्डर वारिस से ट्रांसफर के नाम पर 200 रुपये से लेकर 1200 रुपये वर्गफुट तक वसूलते थे। यह रकम 25 से 30 लाख रुपये तक पहुंच जाती थी। इसको लेकर कई शिकायतें यूपी रेरा तक पहुंची। जांच में पाया गया कि जब आवंटी ने फ्लैट की रकम चुका दी है तो अतिरक्त शुल्क लेना अवैध है।
यूपी रेरा ने इस पर रोक लगाने के लिए विनयम 47 से संबंधित महत्वपूर्ण संशोधन किया है जो प्रशासनिक शुल्क और मानक फीस से जुड़ा है। इस विनियम को पुनर्गठित करते हुए आवंटन के उत्तराधिकार या हस्तांतरण के मामलों में प्रमोटर द्वारा वसूले जाने वाले शुल्क को विनियमित करने के लिए नए प्रावधान शामिल किए गए हैं।
यूपी रेरा ने घर खरीदने वालों को बड़ी राहत देते हुए यह निर्धारित किया है कि यदि आवंटी की मौत हो जाती है और उत्तराधिकारी परिवार का सदस्यत है तो बिल्डर अधिकतम 1 हजार रुपये ही प्रोसेसिंग फीस ले सकता है। ऐसे मामलों में उत्तराधिकारी को मृत्यु प्रमाण पत्र, सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र और अन्य विधिक वारिसों से अनापत्ति तथा विधिक वारसों से अनापत्ति प्रमाण पत्र जैसे आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। यदि फ्लैट का ट्रांसफर परिवार के अलावा किसी बाहरी व्यक्ति के नाम पर होता है तो प्रमोटर अधिकतम 25 हजार रुपये प्रोसेसिंग फीस ले सकता है।

