लखनऊ 13 मार्च। उत्तर प्रदेश में रसोई गैस को लेकर मची अफरा-तफरी के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद मोर्चा संभाल लिया है. गुरुवार को लखनऊ में तेल कंपनियों और शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई एक हाई-लेवल मीटिंग में मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया कि प्रदेश में ईंधन की कोई वास्तविक कमी नहीं है. उन्होंने जनता से अपील की है कि वह पैनिक बुकिंग (घबराहट में बुकिंग) न करें और अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न दें.
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन उपभोक्ताओं ने गैस बुक की है, उन्हें समय पर सिलेंडर मिलना चाहिए. साथ ही, कंपनियों को आदेश दिया गया है कि वह ग्राहकों को उनके अगले रिफिल की संभावित तारीख भी बताएं, ताकि लोगों के मन में असुरक्षा की भावना न रहे.
कालाबाजारी पर तत्काल एफआईआर के निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस संकट का फायदा उठाकर चांदी काटने वाले बिचौलियों को कड़ी चेतावनी दी है. अगर कोई भी गैस एजेंसी या व्यक्ति सिलेंडरों की कालाबाजारी या जमाखोरी में लिप्त पाया जाता है, तो उस पर बिना किसी देरी के तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए.
सप्लाई चेन को सुरक्षित रखने और वितरण केंद्रों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं. अब गैस गोदामों और वितरण केंद्रों पर पुलिस मौजूद रहेगी ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे.
80 लाख लीटर केरोसिन का ‘प्लान बी’
युद्ध के हालातों और सप्लाई की अनिश्चितता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बड़ा बैकअप प्लान तैयार किया है.
विकल्प: प्रदेश को 80 लाख लीटर केरोसिन आवंटित किया गया है. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि इसे फिलहाल एक विकल्प के रूप में रखा जाए और जहां बहुत ज्यादा जरूरत हो, वहां इसका वितरण सुनिश्चित किया जाए.
24×7 मॉनिटरिंग: मुख्यमंत्री ने खाद्य एवं रसद विभाग को हर जिले की निगरानी के लिए कंट्रोल रूम बनाने का आदेश दिया है. जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदारी दी गई है.
व्यावसायिक संस्थानों के लिए नई रणनीति
मुख्यमंत्री ने केवल आम जनता ही नहीं, बल्कि व्यावसायिक क्षेत्रों के लिए भी दूरदर्शी निर्देश दिए हैं. उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि वे निम्नलिखित संस्थानों से सीधा संवाद करें:
छात्रावास और धर्मशालाएं: इन संस्थानों को वैकल्पिक ईंधन के उपयोग के लिए प्रेरित किया जाए.
अस्पताल और होटल: अस्पतालों को प्राथमिकता दी जाए, लेकिन होटलों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को इंडक्शन या अन्य ऊर्जा स्रोतों पर शिफ्ट होने का सुझाव दिया गया है.
इससे घरेलू उपभोक्ताओं (Home Users) के लिए गैस की उपलब्धता बढ़ेगी.
“स्थित उतनी गंभीर नहीं जितनी अफवाह”
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार मिलकर आपूर्ति व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रही हैं. अधिकारियों ने बैठक में बताया कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति 100% सामान्य है और वितरण में कोई कमी नहीं है.
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जनता को समय-समय पर सही और तथ्यात्मक जानकारी दी जाए ताकि किसी भी प्रकार की घबराहट की स्थिति न बने. तेल कंपनियां प्रशासन के साथ मिलकर वितरण की वास्तविक स्थिति के बारे में आमजन को नियमित रूप से अवगत कराती रहें.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह कड़ा रुख उन लोगों के लिए एक कड़ा संदेश है जो संकट के समय मुनाफाखोरी करना चाहते हैं. 80 लाख लीटर केरोसिन का बैकअप और पुलिस की सख्त निगरानी यह सुनिश्चित करेगी कि उत्तर प्रदेश के किसी भी घर का चूल्हा न बुझे. सरकार ने साफ कर दिया है कि वह पैनिक फैलाने वालों से सख्ती से निपटेगी और सप्लाई चैन को टूटने नहीं देगी.

