Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • पवित्र रमजान और होली, मगर सफाई के नाम पर सड़कों के किनारे गंदगी और लबालब कूड़े से भरे नाले-नाली?
    • धर्म और सनातन धर्म में लोगों की आस्था को ध्यान में रखते हुए, प्रमुख साधु संत मुख्यमंत्री जी से मिलकर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद प्रकरण को समाप्त कराएं
    • यूपी सरकार के मंत्री का बिफरना व्यापारियों के झंडे लगाना 2027 के चुनाव में नए समीकरण
    • अनिल अंबानी का 3716 करोड़ का घर ‘एबोड’ कुर्क
    • समाज में अश्लीलता और हिंसा व भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे ओटीटी प्लेटफार्मों का प्रस्तुतिकरण तुरंत बंद हो, पांच के खिलाफ कार्रवाई सरकार की सराहनीय पहल
    • मैं न होता तो पाकिस्तानी पीएम मारे जाते : ट्रंप
    • 2 से ज्यादा बच्चे वाले भी लडेंगे राजस्थान निकाय चुनाव
    • बिहार में अपराधियों का राज है : तेजस्वी यादव
    Facebook Instagram X (Twitter) YouTube
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Demo
    • न्यूज़
    • लेटेस्ट
    • देश
    • मौसम
    • स्पोर्ट्स
    • सेहत
    • टेक्नोलॉजी
    • एंटरटेनमेंट
    • ऑटो
    • चुनाव
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Home»देश»अलीगढ़ में नसबंदी के बाद भी गर्भवती हुईं 64 महिलाएं, स्वास्थ्य विभाग की घोर लापरवाही!
    देश

    अलीगढ़ में नसबंदी के बाद भी गर्भवती हुईं 64 महिलाएं, स्वास्थ्य विभाग की घोर लापरवाही!

    adminBy adminJanuary 7, 2026No Comments4 Views
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    अलीगढ़ 07 जनवरी। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत कराई गई नसबंदी के मामलों में बड़ी लापरवाही सामने आई है। वर्ष 2024 और 2025 के दौरान नसबंदी कराने के बावजूद 64 महिलाएं गर्भवती हो गईं, जिससे स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और नसबंदी की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। विभाग की ओर से गर्भवती महिलाओं को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू की गई, हालांकि नियमों के उल्लंघन के चलते 8 महिलाओं के दावे खारिज कर दिए गए हैं।

    स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, नसबंदी के बाद गर्भवती होने पर महिला को करीब 60 हजार रुपये तक का मुआवजा दिया जाता है, ताकि वह बच्चे के भरण-पोषण में इसका उपयोग कर सके। लेकिन इसके लिए यह अनिवार्य है कि गर्भधारण की सूचना 90 दिनों के भीतर विभाग को दी जाए। तय समय सीमा के बाद आवेदन करने पर मुआवजा स्वीकृत नहीं किया जाता।

    विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, नसबंदी फेल होने के 64 मामलों में से 62 मामलों में मुआवजा राशि प्राप्त हो चुकी है, जबकि 6 ब्लॉकों से आए 8 मामलों को नियमानुसार खारिज कर दिया गया। इन निरस्त मामलों में लोधा और छर्रा ब्लॉक से दो-दो, जबकि अकराबाद, जवां, टप्पल और गोंडा से एक-एक मामला शामिल है।

    परिवार नियोजन को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से प्रोत्साहन राशि भी तय की गई है। महिला नसबंदी पर 2000 रुपये, प्रसव के बाद नसबंदी पर 3000 रुपये और पुरुष नसबंदी पर 3000 रुपये दिए जाते हैं। इसके बावजूद पुरुष नसबंदी की संख्या बेहद कम बनी हुई है।

    अलीगढ़ के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नीरज त्यागी ने बताया कि जिले में वर्ष 2024–25 के दौरान कुल 64 नसबंदी फेलियर के मामले सामने आए हैं। 90 दिन की समय सीमा के बाद सूचना देने के कारण 8 मामलों को स्वीकार नहीं किया जा सका। उन्होंने बताया कि इस अवधि में जिले में 4 हजार से अधिक महिलाओं की नसबंदी कराई गई है।

    aligarh Health Department tazza khabar tazza khabar in hindi uttar-pradesh news
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
    admin

    Related Posts

    पवित्र रमजान और होली, मगर सफाई के नाम पर सड़कों के किनारे गंदगी और लबालब कूड़े से भरे नाले-नाली?

    February 26, 2026

    धर्म और सनातन धर्म में लोगों की आस्था को ध्यान में रखते हुए, प्रमुख साधु संत मुख्यमंत्री जी से मिलकर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद प्रकरण को समाप्त कराएं

    February 26, 2026

    यूपी सरकार के मंत्री का बिफरना व्यापारियों के झंडे लगाना 2027 के चुनाव में नए समीकरण

    February 26, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Tazza khabar. All Rights Reserved.
    • Our Staff
    • Advertise

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.