Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • 28 टूरिस्ट की ट्रैवलर खाई में गिरी, उछलकर बाहर गिरीं दो महिलाओं की मौत
    • मेरठ : ठेकेदार के ठाठ-बाट देखकर सगे फूफा ने मांगी 50 लाख की रंगदारी, दी ‘मय्यत सजाने’ की धमकी
    • राम मंदिर में आए चढ़ावे प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत जज की अध्यक्षता में कमेटी बनाकर की जाए जांच, आने वाले दान का उपयोग देश के विकास और जनहित में हो उपयोग
    • युवाओं के विकास में चौहमुखी विकास और ज्ञान व जानकारी उपलब्ध करा रहे सोशल मीडिया से बच्चों को बचाने की नहीं सही जानकारी देने की आवश्यकता है
    • तनिष्क शोरूम कांड का खुलासा, बाप- बेटे और गर्लफ्रेंड ने की थी 4 करोड़ की लूट
    • अंगदवीर हत्याकांड में मुख्य आरोपी गिरफ्तार, शादीशुदा गर्लफ्रेंड के बच्चे को किडनैप कर नहर में फेंका
    • एमआरपी से 20 रुपए अधिक वसूला सिगरेट का दाम; अलीगढ़ उपभोक्ता आयोग ने ठोंका 10 लाख का जुर्माना
    • मोहर्रम मातम का अवसर, सड़कों पर शक्ति प्रदर्शन का नहीं: योगी
    Facebook Instagram X (Twitter) YouTube
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Demo
    • न्यूज़
    • लेटेस्ट
    • देश
    • मौसम
    • स्पोर्ट्स
    • सेहत
    • टेक्नोलॉजी
    • एंटरटेनमेंट
    • ऑटो
    • चुनाव
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Home»देश»एनएबीएच अनिवार्यता से 60 प्रतिशत अस्पताल होंगे बंद
    देश

    एनएबीएच अनिवार्यता से 60 प्रतिशत अस्पताल होंगे बंद

    adminBy adminJune 2, 2026No Comments48 Views
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    मेरठ 02 जून (प्र)। सरकार की ओर से स्वास्थ्य सेवाओं में किए जा रहे बदलाव का चिकित्सक विरोध करने लगे हैं। चिकित्सकों का आरोप है कि छोटे व मध्यम निजी अस्पतालों के लिए एनएबीएच एक्रीडिटेशन को अनिवार्य किया जा रहा है। उनका कहना है कि इसके लागू होने पर 60 फीसदी अस्पताल तो बंद ही हो जाएंगे। इनमें मिलने वाला उपचार भी आयुष्मान के मरीजों नहीं मिल पाएगा।

    नीमा की ओर से प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को पत्र लिखकर एनएबीएच के सर्टिफिकेशन को अनिवार्य न करने की मांग की है। नीमा के अध्यक्ष डॉ. नागेंद्र ने बताया कि अधिकांश छोटे खर्चे बढ़ जाएंगे, जिसे छोटे अस्पताल वहन अस्पताल सीमित संसाधनों, कम स्टाफ, बढ़ती महंगाई एवं आर्थिक दबाव बावजूद ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं। नई व्यवस्था से खर्च बढ़ जाएंगे, जिसे छोटे अस्पताल वहन करने की स्थिति में नहीं हैं। महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि राज्य के अनेक सरकारी अस्पताल स्वयं अभी तक एनएबीएच एक्रीडिटेशन से अछूते हैं।

    चिकित्सकों की मुख्य मांगें
    छोटे एवं मध्यम निजी अस्पतालों पर एनएबीएच एक्रीडिटेशन को अनिवार्य न किया जाए। किसी भी गुणवत्ता सुधार नीति को को चरणबद्ध एवं व्यावहारिक रूप में लागू किया जाना चाहिए। सरकारी एवं निजी संस्थानों के लिए समान मानक लागू होने चाहिए। छोटे अस्पतालों को आर्थिक सहायता, सब्सिडी एवं तकनीकी सपोर्ट उपलब्ध कराया जाए। किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्यवाही अथवा लाइसेंस संबंधी दबाव एनएबीएच के नाम पर न बनाया जाए।

    60 Percent of Hospitals Will Shut Down Due to NABH Mandate meerut news meerut report tazza khabar uttar-pradesh news
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
    admin

    Related Posts

    28 टूरिस्ट की ट्रैवलर खाई में गिरी, उछलकर बाहर गिरीं दो महिलाओं की मौत

    June 18, 2026

    मेरठ : ठेकेदार के ठाठ-बाट देखकर सगे फूफा ने मांगी 50 लाख की रंगदारी, दी ‘मय्यत सजाने’ की धमकी

    June 17, 2026

    राम मंदिर में आए चढ़ावे प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत जज की अध्यक्षता में कमेटी बनाकर की जाए जांच, आने वाले दान का उपयोग देश के विकास और जनहित में हो उपयोग

    June 17, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Tazza khabar. All Rights Reserved.
    • Our Staff
    • Advertise

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.