लखनऊ, 05 जुलाई (ता)। प्रदेश सरकार विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना का दायरा बढ़ा रही है। कैबिनेट ने इसके मार्गदर्शी सिद्धांतों में संशोधन को मंजूरी दी है। अब योजना के तहत कुल 25 ट्रेड के कारीगरों को लाभ मिलेगा। एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि योजना के दूसरे चरण में अब पारंपरिक कारीगरी की 11 ट्रेड के साथ 14 नई ट्रेड शामिल की गई हैं। इनमें पांच पारंपरिक और नौ आधुनिक ट्रेड हैं। पारंपरिक ट्रेड में मूर्तिकार, मालाकार, दूधवाला, भरभुजा और मछुआरा शामिल हैं। आधुनिक ट्रेड में मोबाइल मरम्मत, ऑटोमोबाइल मरम्मत, इलेक्ट्रॉनिक सामान मरम्मत, विद्युत सामान मरम्मत, प्लंबर, कंप्यूटर मरम्मत,
सोलर इंस्टॉलेशन, डिजिटल फोटोग्राफी तथा सौंदर्य एवं वेलनेस को जोड़ा गया है। पहले से बढ़ई, दर्जी, कुम्हार, लोहार, टोकरी बुनकर, सुनार, नाई, हलवाई, मोची, राजमिस्त्री और धोबी जैसे कारीगर शामिल थे। योजना का उद्देश्य शहरी और ग्रामीण दस्तकारों की आजीविका मजबूत करना है।
कारीगरों को बाजार की मांग के अनुरूप 10 दिवसीय निशुल्क कौशल उन्नयन प्रशिक्षण मिलेगा। प्रशिक्षण पूरा होने पर 15 हजार रुपये तक की उन्नत टूलकिट निशुल्क दी जाएगी। प्रशिक्षित लाभार्थियों को 10 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इस ऋण पर 15 फीसदी मार्जिन मनी सब्सिडी मिलेगी, साथ ही कोई गारंटी और ब्याज नहीं देना होगा। बैंक से ऋण स्वीकृत होने के 15 दिन के भीतर इसका वितरण अनिवार्य होगा।
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