लखनऊ,06 अप्रैल। यूपी से गुजर रहा पश्चिमी विक्षोभ आगे बढ़ने की बजाए ठहर गया। कई जिलों में आंधी-बारिश के कारण हुए हादसों में 13 लोगों की मौत हो गई और 26 से ज्यादा लोग घायल हो गए।
फसलों को भी खासा नुकसान पहुंचा है। तारों पर पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति लड़खड़ा गई और रेल-विमान संचालन पर भी असर पड़ा। मौसम मुख्यालय ने लखनऊ समेत 50 जिलों में तेज हवा के साथ बौछार और बिजली गिरने की आशंका का अलर्ट जारी किया है।
बुंदेलखंड में वर्षाजनित हादसों में तीन लोगों की मौत हो गई। कानपुर में एक इटावा के भरथना में एक, एटा, अलीगढ़, मैनपुरी और फिरोजाबाद में चार लोगों की मौत हो गई। रायबरेली में तेज हवा से गिरे पेड़-पोल की चपेट में आकर दो लोगों की मौत हो गई वहीं सिद्धार्थनगर में झहराव पुल के पास आंधी में बोलेरो नहर में गिरने से मां-बेटे की मौत हो गई और दस अन्य लोग घायल हो गए।
कानपुर में बारिश ने तोड़ा 55 साल का रिकॉर्ड पश्चिमी विक्षोभ के असर से कानपुर में हुई बेमौसम बारिश ने 55 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। रविवार सुबह तक 35.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो 1972 के बाद सबसे ज्यादा है। मौसम में उतार चढ़ाव अभी जारी रहेगा।
बताया जा रहा है कि यूपी के कई जिलों में मौसम अब करवट ले सकता है. IMD की जिला-वार चेतावनी के अनुसार राज्य के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश,बिजली गिरने और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर जारी चेतावनी के मुताबिक, अलग-अलग जिलों में अलग-अलग स्तर का अलर्ट जारी किया गया है.
IMD के इस अलर्ट के मुताबिक, पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश दोनों ही हिस्सों में मौसम का असर देखने को मिलेगा. खासतौर पर लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, महराजगंज, मेरठ, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) जैसे जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग ने साफ किया है कि कई इलाकों में थंडरस्टॉर्म, लाइटनिंग और गस्टी विंड (तेज झोंके वाली हवाएं) चल सकती हैं. इस दौरान अचानक मौसम बिगड़ सकता है, जिससे आम जनजीवन पर असर पड़ने की आशंका है.
मौसम विभाग के अनुसार, 7 से 9 अप्रैल के बीच एक और अधिक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ देश के बड़े हिस्से को प्रभावित करेगा. इसका असर देश के करीब 30 से 40 प्रतिशत हिस्से पर पड़ेगा, जिसमें कई बड़े राज्य शामिल हैं. इसका असर राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू, पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, उत्तरी मध्य प्रदेश और पूर्वोत्तर राज्यों तक देखने को मिल सकता है.

