Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • हरकी पैड़ी पर गैर हिंदुओं का प्रवेश निषेध, रील बनाना भी पूरी तरह रोक
    • रहमान साहब काम ना मिलने की असफलता छिपाने के लिए सांप्रदायिक जैसे शब्दों का उपयोग ना ही कीजिए
    • ईरान की बदलती स्थिति को देखते हुए उन भारतीय नागरिकों की वापसी की तैयारी
    • अधिकारी के पैर नेता छुए या नेता अधिकारी के इसे लेकर चर्चाएं क्यों
    • ऑनलाइन मतदान की व्यवस्था होती है तो
    • पुजारियों का सम्मान बना रहे, मंदिरों में खजाने की निगरानी की हो व्यवस्था
    • आग की चपेट में फूलों की घाटी के सामने वाली पहाड़ियां
    • अफसर-डाक्टर बन शादी का झांसा देकर ठगी करने वाले दो दबोचे
    Facebook Instagram X (Twitter) YouTube
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Demo
    • न्यूज़
    • लेटेस्ट
    • देश
    • मौसम
    • स्पोर्ट्स
    • सेहत
    • टेक्नोलॉजी
    • एंटरटेनमेंट
    • ऑटो
    • चुनाव
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Home»देश»अच्छी नौकरी वाली पत्नी को गुजारा भत्ता नहीं: कोर्ट
    देश

    अच्छी नौकरी वाली पत्नी को गुजारा भत्ता नहीं: कोर्ट

    adminBy adminDecember 13, 2025No Comments7 Views
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    प्रयागराज,13 दिसंबर। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक फैसले में कहा है कि कोई पत्नी अच्छी नौकरी करती है और अपना गुज़ारा के लिए पर्याप्त वेतन पाती है तो वह सीआरपीसी की धारा 125 के तहत गुज़ारा भत्ता पाने की हकदार नहीं है।

    न्यायमूर्ति मदन पाल सिंह ने गौतम बुद्ध नगर के अंकित साहा की पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई करते हुए परिवार न्यायालय के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें पति को सिर्फ़ आमदनी संतुलित करने और दोनों पक्षों के बीच बराबरी लाने के लिए पत्नी को पांच हज़ार रुपये गुज़ारा भत्ता देने का निर्देश दिया गया था, जबकि पत्नी हर महीने 36 हज़ार रुपये कमाती थी।

    हाईकोर्ट ने कहा कि पत्नी साफ़-सुथरे हाथों से न्यायालय नहीं आई। उसने शुरू में बेरोजगार और अनपढ़ होने का दावा किया जबकि असल रिकॉर्ड से पता चलता है कि वह पोस्ट ग्रेजुएट है और सीनियर सेल्स कोऑर्डिनेटर के तौर पर काम कर रही है।

    इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार व महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य उप्र से प्रदेश के मेंटल अस्पतालों(मानसिक चिकित्सालयों) में स्टाफ नर्स की कमी की स्थिति की जानकारी मांगी है और पूछा है कि खाली पदों को कब तक भरा जाएगा।

    इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सफाईकर्मी पिता की सेवाकाल में मौत और मजबूर सफाईकर्मी मां का इस्तीफा, परिवार की खराब आर्थिक स्थिति पर विचार किए बगैर मृतक आश्रित कोटे में पुत्र की नियुक्ति से इनकार आदेश को मनमाना करार देते हुए रद्द कर दिया है। कोर्ट कहा कि ऐसी स्थिति में तकनीकी कारण की बजाय नियमावली के उद्देश्य के अनुसार परिवार की आर्थिक हालत पर विचार कर निर्णय लेना चाहिए। कोर्ट ने अधिशासी अधिकारी को तीन सप्ताह में आदेश करने का निर्देश दिया है।

    allahabad-high-court tazza khabar tazza khabar in hindi uttar-pradesh news
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
    admin

    Related Posts

    हरकी पैड़ी पर गैर हिंदुओं का प्रवेश निषेध, रील बनाना भी पूरी तरह रोक

    January 16, 2026

    रहमान साहब काम ना मिलने की असफलता छिपाने के लिए सांप्रदायिक जैसे शब्दों का उपयोग ना ही कीजिए

    January 16, 2026

    ईरान की बदलती स्थिति को देखते हुए उन भारतीय नागरिकों की वापसी की तैयारी

    January 16, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Tazza khabar. All Rights Reserved.
    • Our Staff
    • Advertise

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.