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    Home»देश»जब अटल जी ने मुझे भोजन के लिए आमंत्रित किया
    देश

    जब अटल जी ने मुझे भोजन के लिए आमंत्रित किया

    adminBy adminDecember 25, 2025No Comments12 Views
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    आजाद भारत में अपने सिद्धांतों देशप्रेमद और मानवसेवा की भावना से ओतप्रोत अटल बिहारी वाजपेयी जी अपने कठोर राजनीतिक चिंतन से जुड़ी संवेदना को सींचने के लिए हमेशा युवाओं को संदेश देते रहेेंगे। आज हम अपने आदर्श के रूप में स्थापित महापुरूष और जनहित की सोचने वाले राजनीति के पुरोधा अटल बिहारी वाजपेयी जी का सौंवा जन्मदिन मना रहे हैं। देश में स्वच्छ और साफ राजनीति का संदेश हमेशा देते रहे अटल बिहारी वाजपेयी जी भाईचारे सदभाव और अमन पसंद व्यक्तित्व के प्रतीक थे। समय समय पर अपनी कविताओं और साहित्य से सबको सरलता से सदमार्ग दिखाने और जोड़े रखने में सफल रही भरी दोपहरी में अंधियारा सूरज परछाई से हारा अंतरमन का नेह निचोड़ फिर से दिया जलाए उनकी कविता को पढ़कर ही वर्तमान पीढ़ी यह अहसास कर सकती है कि जीवन में उन्होंने जो संदेश दिया वो हमे हर परिस्थिति में आगे बढ़ने और देशहित की सोचने का संदेश देता रहा। पक्ष और विपक्ष सबके आदरणीय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने विपक्ष में रहते हुए भी सत्ता पक्ष के मन में स्थान कैसे बनाया जाता है यह बखूबी सिखाया।
    ऐसे समय में जब निरंतर विचारों में अंतर के चलते लोकतांत्रिक भावनाओं का अवमूल्यन हो रहा है सत्ता और विपक्ष के बीच राजनीतिक दरार बढ़ती जा रही है ऐसे में अटल बिहारी वाजपेयी जी के जीवन से हम बहुत कुछ सीख सकते हैं। उनकी जन्म शताब्दी में महापुरूष के प्रेरणास्त्रोत प्रसंगों का स्मरण कर आगे बढ़ने और देशहित में सोचने पक्ष विपक्ष की राजनीति करने के लिए पृष्ठभूमि तैयार की जा सकती है। देश के राजनीति के इतिहास में भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी एक कुशल प्रशासक समााजिक कार्यकर्ता सशक्त स्पष्ट वक्ता भाषाविद कवि और पत्रकार लेखक आदि तमाम उपलब्धियों से भरे उनके व्यक्तित्व से प्रभावित होकर हम देश के बारे में सोचें तो हमारे सोच में बदलाव और एक दूसरे को सम्मान देने और कटुवचन बोलने से बचा जा सकता है। अगर किसी को यह अहसास कराना है तो वो सरल और साहित्यिक शब्दों मेें ऐसे कराया जा सकता है जिससे बात भी कह दी जाए और सामने वाले को बुरा भी ना लगे।
    विदेश मंत्री और फिर प्रधानमंत्री सहित अनेको उच्च और जिम्मेदार पदों पर रहते हुए वैसे तो अटल बिहारी वाजपेयी जी ने बहुत कुछ किया लेकिन जय जवान जय किसान और जय विज्ञान का नारा देने के साथ ही अटल ने चंद्रयान एक परियोजना को स्वीकृति दी और मई १९९८ में भारत ने पोखरण परमाणु परीक्षण किया। देश में हाईवे कल्पना राष्ट्रीयकरण दिल्ली चेन्नई और कोलकाता को चतुर्थभुज परियोजना ने विदेशी निवेश आकर्षित करने में मदद की जो एनडीए सरकार का एक गौरव भी बना। अनगिनत उपलब्धियां प्राप्त करने में सफल वर्तमान में मानव जीवन को अपनी यादों से अटल मार्गदर्शन देने में हमेशा सफल रहे अटल बिहारी वाजपेयी जी मानवीय संवेदनाओं और सबको सम्मान देने और वक्त पड़ने पर अपनों के लिए कुछ भी करने के साथ ही पुराने साथियों चाहे जूसवाला रहा हो या नाई सबको उन्होंने कभी यह महसूस नहीं होने दिया कि वो राजनीति में बहुत आगे ब्रढ़ गए हैं तो उन्हें भूल गए हैं।
    अटल बिहारी वाजपेयी जी जब सांसद थे तो कुछ दशक पूर्व राजमाता सिंधिया चंडीगढ़ के भाजपा सांसद शर्मा जी सहित छह सांसदों के प्रतिनिधिमंडल के साथ दिल्ली से हरिद्वार सड़क मार्ग से गंगा सफाई अभियान का निरीक्षण करने पहुंचे और वहां से लौटते हुए भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आबूलेन स्थित होटल राजमहल में उनके रात्रिभोज की व्यवस्था की। तब मैं पंजाब केसरी संवाददाता सतीश सिंघल के साथ वहां टहल रहा था तो पता चला कि अटल बिहारी वाजपेयी जी राजमहल में आए हुए हैं। पत्रकारिता का जोश और उस महान व्यक्तित्व के दर्शन करने का मौका सोचकर हम दोनों उनसे मिलने पहुंच गए। तत्कालीन भाजपा महानगर अध्यक्ष पत्रकार सत्यप्रकाश अग्रवाल किताब वाले ने देखते ही अटल जी सहित सभी से परिचय कराया। तो यह देखकर आत्मा तृप्त हो गई जब अटल बिहारी वाजपेयी जी ने मुस्कुराते हुए अपने दोनों तरफ बैठने के लिए स्थान बनवाकर अपने साथ भोजन के लिए आमंत्रित किया। हम दोनेां ने ही यह कहकर कि भोजन किया जा चुका है आपका सानिध्य मिल गया है और इस दस मिनट में ही बहुत कुछ आपसे सीखा इसके लिए आपके आभारी है। मैंने चलते चलते उनसे पंजाब की स्थिति और शिवसेना के बारे में दो सवाल पूछे और यह देखकर बहुत अच्छा लगा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी ने मजबूत सोच के साथ उनका जवाब दिया। ऐसे महान व्यक्तित्व से आखिर कौन प्रभावित नहीं होगा। मैं कई मौकों पर उनके इस प्रकरण को याद करता रहा हूं। आज उनके १००वें जन्मदिन के मौके पर उन्हें अपनी श्रद्धांजलि देते हुए यह आशा करता हूं कि देर सवेर ही सही अटल बिहारी वाजपेयी जी ने विपक्ष और सत्ता में रहते हुए चुनाव हारने के बाद भी अपने व्यक्तित्व में कोई बदलाव नहीं आने दिया और हम ेशा ही साहित्य, कविता का क्षेत्र हो या अपने को जोड़कर रखने का प्रयास जरूर रंग लाएगा और देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी जो देश दुनिया के नेताओं में उच्च स्थान पर विराजमान है और जो सम्मान पाया उससे देश का गोैरव बढ़ाने और सामाजिक समरता ईमानदारी और मातृप्रेम के चलते अटल बिहारी वाजपेयी जी के आदर्शों को देश की वर्तमान राजनीति में कामयाबी व देशवासियों को जोड़ने के लिए जिस तरह अपना रहे हैं भविष्य में उनसे बढ़ोत्तरी करते रहेंगे। सदभावना मानवीय दृष्टिकोण के प्रतीक पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी को फिर से अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए नमन करता हूं। यह विश्वास से कह सकता हूं कि जिस प्रकार इंदिरा जी और अटल जी में विश्वास से भरा राजनीतिक रिश्ता था वर्तमान में नरेंद्र मोदी भी विपक्ष के साथ ऐसा ही रिश्ता बनाने में सफल रहेंगे।
    (प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)

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