नई दिल्ली, 26 जनवरी। भारत में बीबीसी के पूर्व संवाददाता और वरिष्ठ पत्रकार सर मार्क टली का गत दिवस नई दिल्ली में निधन हो गया। बीबीसी में उनके पूर्व सहयोगी सतीश जैकब ने निधन की पुष्टि की है। उनकी आयु 90 साल थी। बीबीसी से इस्तीफ़ा देने के बाद उन्होंने स्वतंत्र पत्रकार के रूप में काम किया।
वरिष्ठ पत्रकार वीर सांघवी ने मार्क टली के निधन पर दुख ज़ाहिर किया है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि मार्क टली के निधन पर शोक। वह अपनी पीढ़ी के शायद सबसे महान रेडियो पत्रकार थे, जिन्होंने भारत को दुनिया तक पहुंचाया और बीबीसी को भारत में वह विश्वसनीयता दिलाई, जो कभी उसके पास थी। वरिष्ठ पत्रकार विनोद शर्मा ने एक्स पर लिखा कि भारत से गहरा लगाव रखने वाले और बीबीसी के दिग्गज पत्रकार मार्क टली अब नहीं रहे। बीबीसी में उनके दोस्त और लंबे समय तक साथ काम करने वाले सतीश जैकब ने फ़ोन पर यह दुखद ख़बर दोस्तों को दी। कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने एक्स पर लिखा कि मुझ जैसे कई लोग उनकी आवाज़ सुनते हुए और उनकी किताबें पढ़ते हुए बड़े हुए. मैं उसी इलाके में रहने लगा जहाँ वह सालों तक रहे और जिसे उन्होंने बहुत प्यार किया।
भारत, पाकिस्तान और पूरे दक्षिण एशियाई क्षेत्र में कई पीढ़ियों तक मार्क टली एक जाना-पहचाना नाम था और बीबीसी से जुड़े हुए थे। उन्होंने दशकों तक उपमहाद्वीप की पत्रकारिता की।
भारत में बीबीसी के लंबे समय तक संवाददाता और ब्यूरो चीफ के तौर पर टली ने इस क्षेत्र के इतिहास के कुछ सबसे अहम पलों पर रिपोर्टिंग की। उनकी पत्रकारिता अपनी गहराई, संदर्भ और आम लोगों की जिंदगी के प्रति सम्मान के लिए जानी जाती थी, जिससे उन्हें दर्शकों के बीच बेजोड़ विश्वसनीयता और भरोसा मिला। ब्रॉडकास्टिंग के अलावा वह एक जाने-माने लेखक भी थे जिनकी किताबों में भारत के सामाजिक और सांस्कृतिक ताने-बाने के साथ उनका गहरी जुड़ाव झलकती थी। दुनिया भर से उन्हें श्रद्धांजलि दी जा रही है, पत्रकार, विद्वान और जानी-मानी हस्तियां मीडिया और पब्लिक बातचीत में उनके बहुत बड़े योगदान को मान रहे हैं।
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