बरेली 28 जनवरी। बरेली में आईवीआरआई के संविदाकर्मी जितेंद्र यादव की गला दबाकर हत्या कर दी गई। शव फंदे पर लटका होने से शुरू में आत्महत्या का मामला मानकर परिवार ने पुलिस को सूचना दी और पत्नी ज्योति व उसके परिजनों के खिलाफ आत्महत्या को मजबूर करने की रिपोर्ट दर्ज करा दी। पोस्टमॉर्टम में गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई। प्रेम-विवाह के दो महीने बाद हुई हत्या की वजह पर जांच की जा रही है।
सोमवार सुबह इटावा के थाना ऊसरहार के गांव भाऊपुरा निवासी अजय कुमार ने इज्जतनगर इंस्पेक्टर विजेंद्र सिंह को बताया कि उनका भाई 33 वर्षीय जितेंद्र आईवीआरआई में संविदाकर्मी के रूप में कार्यरत था।
बरेली की दुर्गानगर कॉलोनी निवासी ज्योति प्रजापति ने जितेंद्र से परिचय बढ़ाया। संपत्ति हड़पने के लिए जितेंद्र को प्रेमजाल में फंसा लिया और दो माह पहले प्रेमविवाह कर लिया। इज्जतनगर के कैलाशपुरम में ज्योति जितेंद्र के साथ ज्योति रहने लगी।
आरोप लगाया कि ज्योति, ज्योति का पिता कालीचरन, मां चमेली और भाई दीपक मिलकर जितेंद्र पर उसकी पुश्तैनी संपत्ति बेचकर मकान व कार खरीदने का दबाव बनाने लगे। जितेंद्र ने उनसे और अपनी मां से इसकी शिकायत की थी। जितेंद्र ने बताया था कि वह जमीन नहीं बेचना चाहते हैं, लेकिन पत्नी और ससुराल वाले दबाव बना रहे हैं। जितेंद्र ने अनहोनी होने की आशंका भी व्यक्त की थी।
अजय ने बताया कि परिजनों ने ज्योति को समझाया, लेकिन वह कार और मकान खरीदने की जिद पर अड़ी रही। जितेंद्र के विरोध करने पर ज्योति उनके भाई को प्रताड़ित करती थी और दहेज के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देती थी।
26 जनवरी को अजय कुमार को पता चला कि उनके भाई जितेंद्र का शव किराये के कमरे में लटका हुआ है। उन्हें लगता है कि जितेंद्र ने ज्योति और ससुरालवालों से तंग आकर जान दे दी। इज्जतनगर पुलिस ने ज्योति और उसके परिजनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली।
एसपी सिटी मानुष पारीक ने हत्या की धारा बढ़ाने का आदेश दिया तो पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट के आधार पर धारा बढ़ा दी गई। इंस्पेक्टर विजेंद्र सिंह के नेतृत्व में महिला पुलिस ज्योति से पूछताछ कर रही है।

