नई दिल्ली 07 मार्च। ईरान के उप-विदेश मंत्री डॉक्टर सईद खतीबजादेह ने अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को तंज़ के साथ यह सन्देश दिया है कि ईरान के लोग अपना नेता खुद चुनेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि हमारे पास फारस की खाड़ी में अमरीका की मौजूदगी को खत्म करने के अलावा कोई चारा नहीं है।
दिल्ली में रायसीना डायलॉग 2026 में बोलते हुए ईरानी उप-विदेश मंत्री ने कहा कि ट्रंप अपने देश में लोकतंत्र देखना चाहते हैं, और दूसरी तरफ वह ईरान के लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए राष्ट्रपति को हटाना चाह रहे हैं। ट्रंप पर तंज़ करते हुए उनका कहना था कि वह ईरान में लीडरशिप बदलने की मांग कर रहे हैं, जबकि वह न्यूयॉर्क के मेयर को भी नियुक्त नहीं कर सकते। क्या आप इस औपनिवेशिक दृष्टिकोण की कल्पना कर सकते हैं?
ईरानी उप-विदेश मंत्री खतीबजादेह ने दिल्ली में आयोजित रायसीना डायलॉग 2026 में शिरकत के दौरान कहा कि अमरीका ने ईरान के अस्तित्व को मिटाने का फैसला किया है। इजराइली कई दशकों से ग्रेटर इजराइल के अपने भ्रम के कारण यह वादा कर रहे हैं। हमारे पास फारस की खाड़ी इलाके में अमरीका की मौजूदगी को खत्म करने के अलावा कोई चारा नहीं है। अपनी बात में उन्होंने यह भी कहा कि हमारे पास कोई विकल्प नहीं है, सिवाय इसके कि हम वहीं हमला करें जहां से अमरीकी हमला शुरू कर रहे हैं।
खतीबजादेह ने अपने देश के खिलाफ अमरीकी और इजराइली सैन्य कार्रवाई पर कहा कि यह ईरान के खिलाफ एक अस्तित्व की लड़ाई है, जिसमे वे ईरान के अस्तित्व को खत्म करना चाहेंगे। आगे उन्होंने कहा कि हम उन हमलावरों को पीछे धकेलने के लिए एक बहादुरी भरी, राष्ट्रवादी लड़ाई लड़ रहे हैं।
ईरानी उप-विदेश मंत्री ने अपनी बात में कहा, “…गेंद उसी के पाले में है जिसने यह हमला शुरू किया था। अगर वे आज हमला बंद कर देते हैं, तो हम बचाव कर रहे हैं, हमला नहीं कर रहे हैं।
सईद खतीबजादेह ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी कोशिश है कि युद्ध दूसरे इलाकों में न फैले। उन्होंने इसे एक अस्तित्व की लड़ाई बताया और कहा यह सबके लिए एक लड़ाई है। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि क्या देशों के बीच समस्या होने पर किसी देश के मुखिया को निशाना बनाया जाना चाहिए? उनके मुताबिक़, अगर यह नया मानक है, तो यह बहुत खतरनाक है।
अपनी बात में ईरान उप-विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि आज अमरीका और इजराइल जो कर रहे हैं, वह अंतरराष्ट्रीय कानून और नियमों के खिलाफ है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान की तरफ से कोई उकसावे की कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने यह भी कहा कि हम इस क्षेत्र के लिए, दुनिया के लिए और नैतिकता के लिए यह विरोध कर रहे हैं। इसके लिए उन्होंने ईरान के लोगों की कुर्बानी का भी ज़िक्र किया।

