मुजफ्फरनगर 03 फरवरी। पुलिस ने चोरी व फाइनेंस पर लिए गए ट्रक समेत अन्य वाहनों के चेसिस और इंजन नंबर बदलकर बेचने वाले गिरोह का राजफाश किया है। मदरसे के कारी समेत दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरोह फर्जी तरीके से अरुणाचल प्रदेश में वाहन का पंजीकरण कराता था। इनके कब्जे से पांच लाख रुपये नगद, चार ट्रक, दो बाइक बरामद हुई हैं।
पुलिस लाइन सभागार में सोमवार को एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने प्रेसवार्ता में बताया कि रविवार देर रात बुढ़ाना में खतौली तिराहे के पास से पुलिस ने ट्रक से जा रहे मेहरबान अली उर्फ कारी और अफजाल निवासी मुहल्ला शाहघासी दरवाजा झिंझाना, शामली को गिरफ्तार किया। मेहरबान झिंझाना में स्थित मदरसे में कारी है। आरोपितों से पूछताछ के बाद भसाना शुगर मिल के निकट से तीन अन्य ट्रक, दो बाइक बरामद की गईं।
आरोपितों ने पूछताछ में बताया कि वह फर्जी आधार कार्ड तैयार कराते हैं। वाहनों को फाइनेंस पर खरीदकर उनके इंजन व चेसिस नंबर बदलकर बाद में उनका रजिस्ट्रेशन अरुणाचल प्रदेश व अन्य राज्यों में कराकर उन्हें बेच देते थे। फर्जी आधार कार्ड के माध्यम से ही बैंक खाते खुलवाकर लोन भी करवाते हैं। इन्हीं फर्जी दस्तावेजों का उपयोग वाहन पंजीकरण में करते हैं। इस खेल में वहां के आरटीओ के कर्मचारियों की मिलीभगत रहती है। फाइनेंस के वाहनों की किस्त भी वे नहीं भरते थे।
एसएसपी ने बताया कि जिस जगह से आरोपित आधार कार्ड बनवाते हैं, उसके बारे में जानकारी की जा रही है। जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। यह लोग कई सालों से इस कार्य को कर रहे हैं और अब तक कई ट्रक धोखाधड़ी से बेच चुके हैं। पता किया जा रहा है कि इन्होंने किस किस बैंक से लोन लिया था और वाहन कहां से से चोरी किए थे।

