Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • डिप्टी सीएम डॉ बृजेश पाठक की तरह अन्य जनप्रतिनिधि भी आकस्मिक निरीक्षण करने लगें तो
    • घोडे-खच्चरों के साथ अत्याचार पर हाई कोर्ट सख्त
    • बेरोजगारी खत्म करने युवाओं को काम देने हेतु रिटायर डॉक्टरों व अफसरों की नौकरी करने पर लगाई जाए रोक
    • जनप्रतिनिधि और एनजीओ सक्रिय हो जाएं तो देश में नकली उत्पादों का बाजार बंद और बिक्री खत्म हो सकती है, संबंधित विभागों की लापरवाही से हर क्षेत्र में उपभोक्ताओं का हो रहा है आर्थिक शोषण
    • हेमकुंड साहेब के कपाट 23 मई को खोले जाएंगे
    • मार्क जुगरबर्ग बन रिटायर्ड शिक्षिका से 1.57 करोड़ ठगे
    • दारुल उलूम में प्रवेश के लिए 19 तक आवेदन
    • अनुज, आकांक्षा, उमा समेत 52 को अकादमी सम्मान
    Facebook Instagram X (Twitter) YouTube
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Demo
    • न्यूज़
    • लेटेस्ट
    • देश
    • मौसम
    • स्पोर्ट्स
    • सेहत
    • टेक्नोलॉजी
    • एंटरटेनमेंट
    • ऑटो
    • चुनाव
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Home»देश»बेरोजगारी खत्म करने युवाओं को काम देने हेतु रिटायर डॉक्टरों व अफसरों की नौकरी करने पर लगाई जाए रोक
    देश

    बेरोजगारी खत्म करने युवाओं को काम देने हेतु रिटायर डॉक्टरों व अफसरों की नौकरी करने पर लगाई जाए रोक

    adminBy adminMarch 17, 2026No Comments3 Views
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    देश दुनिया में बेरोजगारी खत्म करने और शिक्षित युवाओं सहित निरक्षरों बेरोजगारों को काम देने के लिए सरकार ने कई योजनाएं शुरु की है और बनाई जा रही हैं। केंद्र व प्रदेशों के मंत्री व अफसर इस बारे में दावे भी खूब कर रहे हैं। आने वाले वित्तीय वर्ष में लाखों युवाओं को रोजगार देने की योजना भी बताई जाती है। लेकिन जब तक सेवानिवृत्त कर्मचारियों और अधिकारियों को सेवा विस्तार या अन्य स्थानों पर नौकरी करने की सुविधा मिलती रहेंगी मुझे नहीं लगता कि सरकार का यह सपना पूरा हो पाएगा।
    वैसे भी हर रिटायर व्यक्ति को चाहे वह चतुर्थ श्रेणी का रहा हो या उच्च स्तर उसे पेंशन व सुविधाएं सरकारों द्वारा दी जा रही हैं। यह सब इसलिए है कि अवकाश के बाद यह लोग अपने परिवारों का खर्चा उठा सकें और खुशहाल जिंदगी जिएं। मगर देखने में आ रहा है कि अच्छी मोटी पेंशन मिलने के बाद भी डॉक्टर कर्मचारी व ज्यादातर अफसर उन स्थानों पर नौकरी करने लगते हैं जो युवाओं को मिले तो उनका जीवन यापन सही प्रकार से हो सकता है और बेरोजगारी भी खत्म होगी। डॉक्टरों को ही ले तो एक उम्र के बाद पेंशन और अन्य सुविधाओं के साथ उन्हें रिटायरमेंट दिया जाता है। क्योंकि औरों को भी मौका मिले और नागरिक सुविधाओं का लाभ उठा सकें। होना यह चाहिए कि ६० या उसके आसपास की उम्र में रिटायर होने वाले कर्मचारी एनजीओ के साथ जुडकर सेवा भाव से काम करें। इनकी सेवा से समाज का भला होगा और जिन पदों पर यह कब्जा करते हैं उन पर नौजवानों को मौका मिलेगा। देखने में आ रहा है कि ज्यादातर अफसर रिटायर हो जाते हैं वो जनसामान्य से संबंध क्षेत्रों में नौकरी करने लगते हैं लेकिन अफसरशाही की अकड़ और अहम की संतुष्टि का चस्का उन्हें लगता है वो पूरा न होने पर वो ग्राहकों मरीजों व डॉक्टरों से दुर्व्यवहार करने के साथ साथ अपनी अफसरी के जमाने का रौब झाड़ना शुरु कर देते हैं। इससे हो यह रहा है कि नौजवानों को नौकरी नहीं मिल पा रही है और आम आदमी की यह सेवानिवृत अफसर बेइज्जती करते हैं। सेवा भाव से संचालित एक एनजीओ को मैं जानता हूं। उसमें चिकित्सा उपलब्ध कराने के लिए रखे गए रिटायर अफसर एनजीओ से तो तनख्वाह ५० हजार से १ लाख तक लेते हैं उन्हें अपने घर का पता बताने के साथ देखने और इलाज के लिए अतिरिक्त पैसा लेते हैं। एक हडिडयों का डॉक्टर तो एनजीओ के चिकित्सालय में ही बैठकर इंजेक्शन लगाने के १५०० रुपये तक लेता है। आंखों का डॉक्टर खुद को सीनियर सर्जन बताकर मरीजों से दुव्यर्वहार करता है। कुल मिलाकर यह तो अपने अहम और अफसरशाही की संतुष्टि के साथ माल भी कमा रहे हैं और आम आदमी से दुर्व्यवहार करने के साथ नौजवानों के अधिकार पर कुठाराघात भी कर रहे हैं। सरकार को देखना चाहिए कि चिकित्सा को घर घर तक पहुंचाने के लिए वो एनजीओ के अस्पताल आदि में सरकारी चिकित्सकों की नियुक्ति करे और नए डॉक्टरों से यह भी अनुबंध करे कि पांच साल तक किसी एनजीओ या देहात में कम वेतन पर सेवा भाव से काम करना होगा तभी एनजीओ की सोच पूरी होगी। नौजवानों को रोजगार मिलेगा और आम आदमी इन सेवानिवृत अफसरों की सनक का शिकार होने से बचेगा। इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए रिटायर अफसरों की दूसरी नौकरी करने पर प्रतिबंध लगाया जाए।
    (प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)

    sampadkiya tazza khabar tazza khabar in hindi
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
    admin

    Related Posts

    डिप्टी सीएम डॉ बृजेश पाठक की तरह अन्य जनप्रतिनिधि भी आकस्मिक निरीक्षण करने लगें तो

    March 17, 2026

    घोडे-खच्चरों के साथ अत्याचार पर हाई कोर्ट सख्त

    March 17, 2026

    जनप्रतिनिधि और एनजीओ सक्रिय हो जाएं तो देश में नकली उत्पादों का बाजार बंद और बिक्री खत्म हो सकती है, संबंधित विभागों की लापरवाही से हर क्षेत्र में उपभोक्ताओं का हो रहा है आर्थिक शोषण

    March 17, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Tazza khabar. All Rights Reserved.
    • Our Staff
    • Advertise

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.