उन्नाव 15 जनवरी। अजगैन थाने की पुलिस टीम की सतर्कता और तत्परता से घर से भागे तीन मासूमों को 16 घंटे के भीतर बरामद कर लिया गया. गुमशुदा बच्चे दादी की डांट से नाराज होकर घर से चुपचाप निकल गए थे. पुलिस ने बच्चों को सकुशल परिजनों के सुपुर्द कर दिया है. बच्चों की सुरक्षित वापसी से परिवार में खुशी का माहौल है और लोग पुलिस की सराहना कर रहे हैं.
पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) प्रेमचंद ने बताया कि मामला थाना अजगैन क्षेत्र के गांधी नगर नवाबगंज का है. मंगलवार शाम एक महिला ने ने डायल-112 पर अपने तीन बच्चों के लापता होने की सूचना दी थी. बच्चों में 10 वर्षीय जुड़वा भाई-बहन और उनकी 12 वर्षीय एक सहेली शामिल थी। बताया कि तीनों बच्चे दोपहर करीब साढ़े ग्यारह बजे से लापता हैं. काफी ढूंढने के बावजूद उनका कहीं पता नहीं चल रहा है. सूचना मिलते ही थाना अजगैन पुलिस तत्काल सक्रिय हुई और क्षेत्राधिकारी हसनगंज अरविंद कुमार चौरसिया के नेतृत्व में पुलिस टीम बच्चों की खोजबीन में जुट गई.
पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) प्रेमचंद के मुताबिक प्रारंभिक जांच में पता चला कि तीनों बच्चों ने घर में रखी दादी की गुल्लक तोड़ दी थी. इसी डर से बच्चे घर से भाग गई थे. बच्चों को डर था कि दादी से डांट और मार पड़ सकती है. मामला नाबालिग बच्चों से जुड़ा होने के कारण मुकदमा दर्ज कर पुलिस टीम ने आसपास के इलाकों में खोजबीन के साथ-साथ सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाले. रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और सार्वजनिक स्थानों पर भी सतर्कता बढ़ाई गई. इसके बाद बच्चे गंगा घाट खेलते मिल गए. बच्चों ने बताया कि वे पैदल कुसुंभी रेलवे स्टेशन पहुंचे थे और वहां से मेमो ट्रेन पकड़कर मिश्रा घाट पहुंचे थे.
पुलिस अधिकारियों ने पूरे ऑपरेशन के दौरान मानवीय दृष्टिकोण का परिचय दिया। बच्चों को उनके परिजनों को सुरक्षित सौंप दिया गया है। पुलिस की इस तत्परता और संवेदनशील कार्यशैली की क्षेत्र में काफी सराहना हो रही है।

