प्रयागराज 08 जनवरी। हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी अपराध में आरोपी के खिलाफ आरोप तय करते समय ट्रायल कोर्ट के लिए विस्तृत कारण दर्ज करना अनिवार्य नहीं है। यदि यह मामले का ठोस आधार और संदेह है कि अपराध किया गया है तो आरोप तय करने के लिए पर्याप्त आधार होगा। यह आदेश न्यायमूर्ति श्री क्षितिज शैलेन्द्र ने दिया है।
गोरखपुर की पुलिस ने 21 मार्च 2020 को अस्पताल की सूचना पर याची के भाई दीन दयाल सिंह का शव अस्पताल के शव गृह से बरामद किया जिसने ट्रेन से कट कर खुदकुशी कर ली थी। मृतक की जेब से बरामद सुसाइड नोट के आधार पर याची के खिलाफ खुदकुशी के लिए उकसाने का मुकदमा आईपीसी की धारा 306 के तहत दर्ज किया गया।
Trending
- नोबेल पुरस्कार विजेता मारिया द्वारा डोनाल्ड ट्रंप को पुरस्कार देने पर
- अदालतों में मुकदमों की संख्या कम करने हेतु छोटे मामलों का तुरंत हो निस्तारण, क्यों चला 7.65 रूपये का मुकदमा 50 साल
- 12 करोड़ रूपये खर्च कर 119 किमी सड़कों से प्रतिदिन कूड़ा उठाने का दावा, साहब जी मुंगेरी लाल के सपने बनकर ना रह जाए यह कथन
- पुलिस-मजिस्ट्रेटों के दिमाग में कानून को लेकर भ्रम
- देवबंद में वंदेभारत एक्सप्रेस पर पथराव, कोच का शीशा क्षतिग्रस्त, अज्ञात के खिलाफ FIR
- रिटायर्ड रेलकर्मी ने की प्रेमिका की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या, लाश के टुकड़े कर आठ दिन तक बक्से में भरकर जलाए अंग
- रेड कार्पेट पर 500 रुपये के नोटों के बंडल के साथ दिखे बीजेपी नेता, वीडियो वायरल
- प्रयागराज माघ मेले में मचा बवाल, पुलिस के साथ विवाद के बाद धरने पर बैठे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद

