जब भी कोई चुनाव होते हैं चाहे वह पंचायत के हों या लोकसभा के उसमें निर्वाचित होने वाले नेता जब अपने क्षेत्र के नागरिकांे से निरंतर संपर्क बनाये रखने और उनकी समस्याएं जानकर उनका समाधान खोजने के लिए छोटी-बड़ी गाड़ियों में सवार होकर घूमते दिखाई देते हैं तो हमेशा विरोधियों की बात तो छोड़ दें उनके समर्थक भी ईमानदार से ईमानदार निर्वाचित राजनेता के बारे में यह कहते सुने जाते हैं कि हां चुनाव जीत लिया है मोटा माल कमा रहे हैं नई गाड़ियों में तो घूमेंगे ही पहले तो पैदल या रिक्शाओं में ही घूमते नजर आते थे। इससे हमारे प्रतिनिधि की छवि पर तो सवाल उठते ही थे उसकी ईमानदारी पर भी प्रश्नचिन्ह लगा करते थे भले ही वह किसी मांगी गई या उपहार में मिली अथवा पार्टी द्वारा उपलब्ध कराये गये वाहन में ही क्यों न घूमते हों।
बीते 27 जनवरी को अखिल भारतीय पाल महासभा एवं युवा पाल महासभा ने गढ़रोड स्थित अंकुर गार्डन में अध्यक्ष सत्यप्रकाश की अध्यक्षता तथा रूपेश पाल के संचालन में और मेरठ-हापुड़ लोकसभा क्षेत्र से सांसद अरूण गोविल एवं मुजफ्फरनगर की मीरापुर की विधानसभा क्षेत्र से विधायक श्रीमती मिथलेश पाल की गरिमामय उपस्थिति के बीच भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष हरवीर पाल का सम्मान करते हुए उन्हें स्कार्पियो कार भेंट की गयी। पाल समाज की यह सराहनीय पहल अपने आप में एक अच्छा उदाहरण कही जा सकती है क्योंकि किसी भी क्षेत्र में कोई व्यक्ति विजयी हो या नियुक्त किया जाए तो उसके समाज या क्षेत्र के लोग उसे आवागमन और शासन की नीति लागू करवाने के लिए की जाने वाली भागदौड़ और क्षेत्र के हर मतदाता से सुविधा की बात ध्यान में रखते हुए उसे समाज के लोग या क्षेत्र के मतदाता इस प्रकार का उपहार देकर अपने प्रतिनिधि की सक्रियता बनाये रखने की शुरूआत पाल समाज की तरह करें तो जल्दी से उनसे जुड़े नेता पर ना तो कोई आरोप लगा पायेगा और ना ही यह कहकर कि जीतते ही खरीद ली गाड़ी व्यंग कर पायेगा दूसरी तरफ जनप्रतिनिधि की सक्रियता बढ़ेगी और उसके मतदाताओं का काम समय से होने लगेगा और सरकार की जनहित की योजनाओं को हर स्तर पर लागू कराने के लिए वह भागदौड़ करने के साथ ही सरकारी विभागों के अधिकारियों से संपर्क कर सरकार की जनहित की योजनाओं को लागू कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। मुझे लगता है कि पाल समाज से प्रेरणा लेकर अन्य क्षेत्रों के मतदाता और जीते नेता के समाज के लोग उन्हें ऐसे उपहार देकर आरोपों से बचाने और उन्हें सक्रिय रहने का काम कर सकते हैं।

